भदोही: कालीन कारखाने में बुनाई का काम कर रहे थे बिहार से लाए गए नाबालिग, छापा पड़ने पर कुछ भागे
UP News: कालीन कारखाने में बुनाई का काम कर रहे आधा दर्जन से अधिक नाबालिग बच्चों को श्रम विभाग और ऐंटी-ह्यूमन ट्रैफ़िकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने मुक्त कराया है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.

Bhadohi News: भदोही के कालीन कारखाने में बुनाई का काम कर रहे आधा दर्जन से अधिक नाबालिग बच्चों को श्रम विभाग और ऐंटी-ह्यूमन ट्रैफ़िकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने मुक्त कराया है. मुक्त कराये गये सभी नाबालिग बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति न्यायालय ने बच्चों को वाराणसी चाइल्ड लाइन को भेज आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है. हालांकि कालीन बुनाई संचालकों और निर्यातकों द्वारा लगातार भारत और यूपी सरकार के जीरो टॉलरेंस को पलीता लगा रहे है, बावजूद इसके आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
पूरा मामला भदोही कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जलालपुर मुस्लिम बस्ती स्थित मखमली कालीन बनाने के कारखाने का है. यहां वर्षों से कालीन बुनाई का काम कर रहे 7 नाबालिग बच्चों को श्रम विभाग और ऐंटी-ह्यूमन ट्रैफ़िकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने छापा मारकर मुक्त कराया है. बताया जाता है कि छापेमारी के दौरान कुछ बच्चें भागने में सफल रहे है.
श्रम प्रवर्तन अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर श्रम विभाग और AHTU की संयुक्त टीम ने कालीन बुनाई केंद्र में छापा मारकर मौके से 7 बच्चों को मुक्त कराया है और बच्चों की मेडीकल रिपोर्ट आने के बाद कालीन कारखाना संचालक अकरम अंसारी के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी. जेपी सिंह ने बताया कि बच्चों ने बताया है कि 14 से 15 घंटे कालीन बुनाई का काम करते है और ये सब बिहार राज्य के अलग-अलग शहरों से लाये गये है.
कालीन बुनाई काम कर रहे थे नाबालिग
वहीं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पीसी उपाध्याय ने बताया कि भदोही शहर के जलालपुर में अकरम अंसारी का एक कालीन कारखाना है जहां लेबर डिपार्टमेंट और एएचटीयू व् पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 से 12 साल के उम्र के बच्चों को छापा मारकर मुक्त कराया गया है. छापेमारी के समय सभी नाबालिग बच्चे कालीन बुनाई का काम करते पाये गये है. न्यायालय के अध्यक्ष ने बताया कि मुक्त कराये गये बच्चों के माता पिता के न मिलने पर उनको वाराणसी के राजकीय बाल गृह रामनगर को भेज दिया गया है और सभी बाल श्रमिकों के आयु/चिकित्सीय परीक्षण कराने सहित कालीन कारखाना संचालक के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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