बस्ती में अष्टधातु की मूर्ति चोरों ने की पार, शिकायत दर्ज कराने वाले पर ही लगा चोरी का आरोप
UP News: कोतवाली थाना क्षेत्र के मड़वा नगर में चोरों ने एक घर से चार बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां पार कर दी. दो अलग-अलग दावेदारों ने पुलिस से मामले की शिकायत की है.

बस्ती जनपद में चोरों ने एक बेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति पर हाथ साफ कर दिया. अब इस मूर्ति के दो अलग-अलग दावेदारों ने पुलिस से मामले की शिकायत की है. पुलिस के अनुसार, जिसके घर से मूर्ति चोरी हुई उसने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, वहीं दूसरे पक्ष ने भी मूर्ति को पुस्तैनी बताकर घर के मालिक को ही चोर बताते हुए शिकायत की है. पुलिस मूर्ति चोरी के मामले की तफ्तीश कर रही है, हालांकि मूर्ति चोरों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग सका है.
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के मड़वा नगर में शिव मंगल का मकान है. दावा किया गया कि इस मकान के एक कमरे में 150 साल पुरानी अष्टधातु की चार मूर्ति रखी है, इतने सालों से मूर्ति की पूजा शिवमंगल का परिवार करता रहा है. एक दिन चोरों ने इनके घर मूर्ति पार कर दी. इसके बाद शिवमंगल और उनके पार्टनर मुन्ना सिंह ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर चोरी का खुलासा करने की लिखित शिकायत की.
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता शिवमंगल के अनुसार, उनके घर के अंदर की मूर्ति को कोई दूसरा कैसे पुस्तैनी बता सकता है, उन्हें पूरी तरह से शक है कि भृगुनाथ, विनय, प्रेम, दीपक और विवेक सहित कई अन्य साथी इस चोरी की घटना में शामिल है. उनका दावा है कि पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए उल्टा आरोप लगा रहे है.
वहीं उनके साथी मुन्ना सिंह ने भी भृगुनाथ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विनय और विवेक मूर्ति चोरी की फर्जी अफवाह उड़ाकर एक बार सोनार को चुपके से लेकर आए थे और इस अष्टधातु की बेशकीमती मूर्ति का आकलन कराया था. उसके बाद से ही ये मूर्ति उनके आंख में किरकिरी बनी हुई थी जिसे वे मौका पाते ही खुद चोरी कर लिए और आरोप उनके ऊपर लगा रहे है.
मूर्ति का बरामद होना जरूरी है- मुन्ना सिंह शिकायतकर्ता
मुन्ना सिंह का कहना है कि चोरी हुई मूर्ति उनके घर के अंदर कई साल से स्थापित है तो उस पर अधिकार भी उनका है, इसलिए प्राथमिकता मूर्ति के बरामदगी की होनी चाहिए न कि मूर्ति के दावेदार को लेकर कोई विवाद किया जाना उचित है.
मुन्ना सिंह ने बताया कि भृगुनाथ चौधरी गायब मूर्ति पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, जबकि इससे पहले उन्हें जब मूर्ति ले जाने को कहा गया तो वे नहीं आए. भृगुनाथ नास्तिक प्रवृति के व्यक्ति है तो उन्हें किसी पूजा से क्या लेना देना है, ये बात उनके समझ से परे है, कहा मूर्ति काफी पुरानी है और उसके दावेदार शिवमंगल के परिवार के लोग ही है.
वहीं दूसरे दावेदार भृगुनाथ चौधरी ने आरोप लगाया कि गायब अष्टधातु की मूर्ति उनकी पुस्तैनी मूर्ति है, और उस मूर्ति की पूजा कई दशक से की जा रही है. ऐसे में अचानक मूर्ति की चोरी हो जाना बेहद चौंकाने वाली घटना है. कहा कि शिवमंगल और मुन्ना सिंह ने चोरी की एक शिकायत करने के बाद दोबारा उसके बारे में कोई जानकारी नहीं ली. इसलिए उन्होंने खुद अपनी तरफ से चोरी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.
डीएसपी ने मामले में क्या कहा?
डीएसपी सदर सर्किल सत्येंद्र भूषण तिवारी पूरे प्रकरण की जांच गंभीरता से करवाने का दावा कर रहे है. उन्होंने बताया कि अष्टधातु की मूर्ति चोरी हुई है और उसे बरामद करना पुलिस की प्राथमिकता है, दोनों पक्ष की तरफ से शिकायत की गई है. मगर जांच पुलिस चोरी के एंगल से कर रही है. उन्होंने कहा कि, दोनों पक्षों से बात कर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
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