Barabanki News: विमलेश पाल हत्याकांड, पुलिस की चूक से आरोपी पति को जमानत! दहशत में पीड़ित परिवार
Barabanki News In Hindi: बाराबंकी की महिला सिपाही विमलेश पाल हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जीडी में हाजिरी की चूक से आरोपी पति को जमानत मिल गई, जिससे पीड़ित परिवार खौफ में है.

बाराबंकी जिले के बहुचर्चित महिला सिपाही विमलेश पाल हत्याकांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. पुलिस की एक बड़ी तकनीकी चूक और लचर पैरवी के कारण मुख्य आरोपी (सिपाही पति इंद्रेश मौर्य) को महज 9 महीने में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. आरोपी के जेल से बाहर आने के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह हताश और दहशत में है. बुधवार को मृतका के परिजनों ने बाराबंकी पहुंचकर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विकास चंद्र त्रिपाठी से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई.
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला सिपाही विमलेश पाल की मौत 26-27 जुलाई को होना दर्शाया गया था. लेकिन इसके ठीक विपरीत, सुबेहा थाने के सरकारी रिकॉर्ड (GD - जनरल डायरी) में विमलेश की 27 से 29 जुलाई तक थाने में ही ऑन-ड्यूटी हाजिरी और बकायदा हस्ताक्षर दर्ज थे.
हाईकोर्ट में इसी तकनीकी लापरवाही और जांच के गंभीर विरोधाभास को मुख्य आधार बनाकर आरोपी सिपाही ने जमानत हासिल कर ली. सवाल यह उठ रहा है कि जब सिपाही की मौत हो चुकी थी, तो 29 जुलाई तक थाने की डायरी में उसकी हाजिरी कैसे दर्ज हो रही थी?
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'हमें जान का खतरा, फांसी की सजा मिले'
एसपी कार्यालय से बाहर निकलकर मृतका की छोटी बहन पूजा पाल ने रोते हुए कहा, "हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है. हम दौड़ते-दौड़ते परेशान हो गए हैं, हमारी मांग है कि आरोपी को फांसी की सजा मिले." वहीं, मृतका की बुजुर्ग मां अनारा देवी ने खौफ जताते हुए कहा कि हत्यारे के जेल से बाहर आने के बाद अब उनके परिवार की जान को भी खतरा है. मृतका के जीजा दिलीप पाल ने पुलिस की लचर पैरवी पर रोष जताते हुए कहा कि अब वे इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं. एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने परिवार को मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराने का भरोसा दिया है.
क्या है पूरा मामला?
सुल्तानपुर जिले की रहने वाली 2017 बैच की महिला सिपाही विमलेश पाल बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात थीं. जुलाई 2025 में सावन मेले के दौरान ड्यूटी पर जाने की बात कहकर वह निकलीं और फिर लापता हो गईं. 30 जुलाई 2025 को मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा गांव के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था.
विमलेश ने अपने साथी सिपाही इंद्रेश मौर्य (निवासी गोंडा) से प्रेम विवाह किया था, लेकिन दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इसी मामले में पुलिस ने पति इंद्रेश को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. अब पुलिसिया जांच की विश्वसनीयता दांव पर लगी है.
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