बाराबंकी: प्राचीन अवसानेश्वर मंदिर से चांदी चोरी का खुलासा, चोर और सुनार गिरफ्तार
Barabanki News: पुलिस के मुताबिक आरोपी चोर पहले इलाके में रेकी करता था, जिसके लिए गूगल मैप का भी सहारा लेता था. इसके आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है.सुनार के पास से चाँदी बरामद की गयी है.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित प्राचीन अवसानेश्वर महादेव मंदिर से 3-4 फरवरी की रात चांदी का छत्र और अरघा चोरी हो गया था. जिसकी बाजार कमेट लगभग 20 से 25 लाख रुपए थी. इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था. पुलिस ने घटना के 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चोर वीरेंद्र कुमार और चोरी की चांदी खरीदने वाले सुनार जय विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया. चोर ने करीब 5 किलो असली चांदी महज 40 हजार रुपये में बेच दी थी.
पुलिस के मुताबिक आरोपी चोर पहले इलाके में रेकी करता था, जिसके लिए गूगल मैप का भी सहारा लेता था. इसके आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद कर लिया है.
क्या था पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक 3-4 फरवरी की रात हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में करीब 1 से 3 बजे आरोपी वीरेंद्र चोर ने मंदिर का चैनल गेट का ताला तोड़ा और गर्भगृह में घुसा गया. उसने शिवलिंग पर चढ़ाए गए चांदी के छत्र और अरघा (जलहरी) को उखाड़ लिया. चोरी का सामान करीब 4 किलो 769 ग्राम चांदी (अरघा की 4 किलो 190 ग्राम और छत्र की 579 ग्राम) था. इसके बाद चोर ने इसे गलाकर बेच दिया था. घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी थी.
पुलिस ने किया खुलासा
शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी अर्पित विजयवर्गीय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों से बरामदगी में 4.769 किलो चांदी, 7 हजार रुपये नकद, गैस कटर और अन्य चोरी के औजार शामिल हैं. आरोपी वीरेंद्र कुमार ने गूगल मैप से मंदिरों की रेकी की और चोरी की. वह शराबी है और उसके खिलाफ पहले से 8 मुकदमे दर्ज हैं. उसने कई और मंदिरों से भी चोरियां की हैं.
सर्राफ का दावा चोरी की जानकारी नहीं थी
पुलिस गिरफ्त में आए देवीगंज भिटरिया रोड निवासी सुनार जय विश्वकर्मा ने बताया कि मैंने चोरी नहीं की, बस वीरेंद्र से 40 हजार रुपये में चांदी खरीदी और छत्र-अरघा को गला दिया. मुझे नहीं पता था कि ये मंदिर से चोरी की है. उधर आरोपी वीरेन्द्र ने चोरी की घटना क़ुबूल कर ली है. पुलिस ने इस मामले में खुलासा कर राहत की सांस ली है.


















