महोबा में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, परिवार बोला- बेटी की हत्या की गई
Mahoba News In Hindi: महोबा में 22 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत हो गई. मायके वालों ने पति पर अपाचे बाइक और 2 लाख रुपये के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में दहेज लोभियों ने कथित तौर पर एक और बेटी की बलि चढ़ा दी है. श्रीनगर थाना क्षेत्र के टिकरिया गांव में 22 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटककर मौत हो गई. मृतका के मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर, जेठ और देवर पर अपाचे बाइक और 2 लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज मांग पूरी न होने पर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है. घटना के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, श्रीनगर थाना क्षेत्र के पहाड़िया गांव की रहने वाली इमरती राजपूत का विवाह जुलाई 2024 में टिकरिया गांव निवासी जगत सिंह के साथ हुआ था. परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया था. इसके लिए जमीन तक गिरवी रखकर शादी के समय 2 लाख रुपये नकद दिए गए थे. मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद भी दहेज लोभियों की भूख शांत नहीं हुई. ससुराल जन लगातार इमरती को प्रताड़ित कर रहे थे.
आरोप है कि गहनों को खराब बताकर ताने दिए जाते थे और पति शराब पीकर मारपीट करता था. पति लगातार एक अपाचे बाइक और 2 लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग कर रहा था.
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जमीन गिरवी रखकर दिए थे 90 हजार रुपये
मृतका के भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रताड़ना रोकने के लिए परिजनों ने अपनी जमीन के कागज गिरवी रखकर दो बार में 90 हजार रुपये और दिए, लेकिन जुल्म कम नहीं हुआ. इमरती को उम्मीद थी कि संतान होने के बाद स्थितियां सुधर जाएंगी, लेकिन 6 महीने के मासूम बेटे का जन्म भी ससुराल वालों का दिल नहीं पिघला सका.
मौत से 3 दिन पहले पिता को फोन कर जताई थी अनहोनी की आशंका
परिजनों के मुताबिक, मौत से महज तीन दिन पहले इमरती ने अपने पिता प्रेमनारायण को फोन कर अपने साथ किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई थी. पिता ने गांव में किसी से कर्ज लेकर पैसे देने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन इससे पहले कि पैसे का इंतजाम हो पाता, खबर आ गई कि इमरती ने फांसी लगा ली है.
मायके वालों का हत्या का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
मृतका की बहन मालती और अन्य परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या है. आरोप है कि जब परिजन टिकरिया गांव पहुंचे तो ससुर और अन्य ससुराल वालों ने उन्हें शव देखने तक नहीं दिया और वहां से भगा दिया. पीड़ित परिवार का दावा है कि मृतका के गले और शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं.
परिजनों ने पुलिस से न्याय और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की वैधानिक कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
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