बागपत कलेक्ट्रेट में ‘मटरू’ लंगूर का खत्म हुआ आतंक, डीएम ऑफिस तक मचाता था हंगामा, वन विभाग ने पकड़ा
Baghpat News In Hindi: खुद डीएम समेत कलेक्ट्रेट के सभी कमर्चारी भी मटरू लंगूर को काफी दुलारते हैं. लिहाजा वो सबका चहेता बन गया था, कभी धरने पर बैठे लोगों के बीच घुस गया, तो कभी किसानों के बीच.

उत्तर प्रदेश के बागपत में पिछले काफी दिनों से कलेक्ट्रेट में एक लंगूर मटरू ने अधिकारियों से लेकर यहां आने वाले फरियादियों-कर्मचारियों को परेशान कर रखा था. यही नहीं कई बार वो डीएम अस्मिता लाल के कार्यालय में पहुंचकर खासा हंगामा कर दिया. आखिरकार उसे वन विभाग ने काबू किया उर जंगल में छोड़ दिया. हालांकि इस लंगूर ने किसी को भी शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया था, लेकिन लोगों की दिक्कतों को देखते हुए उसे बाहर किया गया.
खुद डीएम समेत कलेक्ट्रेट के सभी कमर्चारी भी मटरू लंगूर को काफी दुलारते हैं. लिहाजा वो सबका चहेता बन गया था, कभी धरने पर बैठे लोगों के बीच घुस गया, तो कभी किसानों के बीच. फिलहाल अब सबने चैन की सांस ली है.
डीएम भी मटरू पुकारती थीं
बागपत की डीएम अस्मिता लाल भी लंगूर को मटरू नाम से ही पुकारती थी. बीते दिनों कलेक्ट्रेट सभागार में जिस समय किसान मीटिंग का आयोजन हो रहा था और डीएम किसानों की समस्याएं सुन रही थीं, तभी वहां पर लंगूर मटरू आ गया. डीएम उसे देखकर अपनी कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गई और मटरू डीएम की कुर्सी पर बैठ गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने मटरू को पकड़कर कलेक्ट्रेट सभागार में हो रही किसानों की बैठक से बाहर निकाला था.
धरने के बीच जाकर बैठ गया था
इसी तरह कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा था. डीएम किसानों को समस्या सुनने किसानों के धरना स्थल पर पहुंची तो वहां लंगूर मटरू भी किसानों के बीच पहुंच गया और लंगूर मटरू डीएम अस्मिता लाल और किसानों के साथ मस्ती करने लगा. इतना ही नहीं जैसे ही डीएम अस्मिता लाल किसानों का ज्ञापन लेकर अपने ऑफिस की तरफ चली तो लंगूर मटरू ने डीएम की साड़ी का पल्लू पकड़ लिया जैसे कि मटरू ने डीएम अस्मिता लाल को किसानों के धरना स्थल पर ही बैठने का इशारा किया.
हालांकि उसने इस बीच किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन उसकी शरारतें दिन बी दिन बढती जा रहीं थीं, लिहाजा वन विभाग को सूचित कर उसे काबू किया गया.





















