यूपी के मौलाना के बयान पर भड़के महंत रवींद्र पुरी, बोले- 5 हजार साल पहले थे भगवान श्रीकृष्ण
Haridwar News In Hindi: महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ आराध्य देव पर इस प्रकार की टिप्पणी समाज में विद्वेष पैदा करती है. उन्होंने कहा मौलाना को धर्मग्रंथों की जानकारी नहीं है.

उत्तराखंड के हरिद्वार में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जरजिस के विवादित बयान पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस बयान को 'दुखद, निंदनीय और समाज में वैमनस्य' फैलाने वाला बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार लगभग पांच हजार वर्ष पहले हुआ था, जबकि इस्लाम धर्म का इतिहास लगभग साढ़े चौदह सौ वर्ष पुराना है. ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के नमाज़ पढ़ने जैसी बातें करना पूरी तरह निराधार और भ्रामक है.
उन्होंने कहा कि गीता के जिस श्लोक का हवाला दिया गया है, उसका सही अध्ययन नहीं किया गया. धर्मग्रंथों को समझने के लिए श्रद्धा और गहन अध्ययन आवश्यक होता है, जो इस बयान में कहीं दिखाई नहीं देता.
ऐसी टिप्पणी समाज में विद्वेष पैदा करती है
महंतरवींद्र पुरी ने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ या आराध्य देव पर इस प्रकार की टिप्पणी समाज में विद्वेष पैदा करती है. उन्होंने मुस्लिम समाज के वरिष्ठ धर्मगुरुओं से अपील की कि वे ऐसे बयानों पर रोक लगाएं और समाज में सौहार्द बनाए रखने की दिशा में पहल करें. उन्होंने कहा कि सरकार को भी ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म के संत कभी किसी अन्य धर्म या उसके पवित्र ग्रंथों पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन यदि लगातार एकतरफा टिप्पणियां होती रहीं तो उसका जवाब भी सामने आएगा.
प्रयागराज में संतों ने भी जताई नाराजगी
हरिद्वार के साथ-साथ यूपी में प्रयागराज में शांडिल्य महाराज और शैलेन्द्र आनंद महाराज ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने इसे चर्चा में आने के लिए जानबूझ कर दिया गया बयान बताया. इसके अलावा भी अलग-अलग जगह हिन्दू धर्म गुरुओं ने मौलाना के बयान पर आपत्ति जताई है. और सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल ये मामला अब गर्माता जा रहा है.
























