बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, BKTC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग तेज
Uttarakhand News In Hindi: उत्तराखंड में बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले पर दो गिरफ्तारियां होने के बाद गणेश गोदियाल ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि BKTC अध्यक्ष को पद से क्यों नहीं हटाया गया?

उत्तराखंड की सियासत में बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी का मामला दिन प्रतिदिन गरमाता जा रहा है. मामले पर दो गिरफ्तारियां होने के बाद राज्य सरकार पर हमला और तेज कर दिया गया है. सोमवार (20 जुलाई) को बुलाई गई प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर तीखे सवाल उठाने का काम किया है.
गोदियाल ने कहा जो तथ्य अब तक इस पूरे प्रकरण में आए हैं, उनके आधार पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. गणेश गोदियाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर विषय के बावजूद अब तक BKTC अध्यक्ष को पद से क्यों नहीं हटाया गया?
सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद चार सदस्ययी कमिटी में जांच शुरू
बद्रीनाथ धाम में चंदा चोरी का मामला सबसे पहले 3 जुलाई को भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने उठाया था. सोशल मीडिया पर मामले के तूल पकड़ने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति हरकत में आई और अपनी आंतरिक चार सदस्ययी कमिटी बनाकर मामले की जांच शुरू की. मंदिर के सीसीटीवी फुटेजों को खंगालने के बाद गड़बड़ी के संकेत मिलने पर BKTC के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान की तहरीर के आधार पर बद्रीनाथ थाने में FIR दर्ज की गई थी.
FIR दर्ज होते ही मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित तौर पर लापता हो गए और गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रमोद नौटियाल द्वारा कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया. हालांकि पुलिस और SIT की टीमों ने नौटियाल के अलग अलग ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी को 12 जुलाई को देहरादून से गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
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मामले पर BKTC के मौजूदा अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष के बीच जुबानी जंग
मामले पर दूसरी गिरफ्तारी 17 जुलाई को राजेंद्र चौहान के रूप में हुई, जब आरोपी को करीब 4 घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया. चौहान पर आरोप है कि उन्होंने भी नौटियाल की तरह चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की है और उसके पास से जांच के दौरान विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है. फिलहाल SIT लगातार इस मामले की जांच कर रही है. वहीं कई और कर्मचारी भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते जांच के दायरे में हैं.
यह मामला केवल बीजेपी कांग्रेस के बीच बयानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस मामले पर BKTC के मौजूदा अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिल रही है. दोनों ही एक दूसरे के कार्यकाल के ऊपर उंगली उठाते हुए नजर आ रहे हैं. अब देखना यह होगा कि यह मामला क्या मोड़ लेता है?
























