बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी केस: गणेश गोदियाल की खुली चुनौती, नहीं पहुंचे BKTC अध्यक्ष, कांग्रेस ने साधा निशाना
Badrinath Donation Row: BKTC अध्यक्ष के उपस्थित न होने पर गणेश गोदियाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सवाल उठाया. उन्होंने इसे ध्यान भटकाने वाला बताया.

उत्तराखंड में बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण में सियासी घमासान ने नया मोड़ लिया है. सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने BKTC के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को बद्रीनाथ चोरी चढ़ावा मामले में सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने बहस करने की खुली चुनौती दी थी. जिसके बाद मंगलवार को गणेश गोदियाल देहरादून स्थित प्रेस क्लब में पहुंच गए और हेमंत द्विवेदी का इंतज़ार करने लगे.
हालांकि बद्रीनाथ केदारनाथ ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी इस चुनौती का सामना करने नहीं पहुंचे,जिसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंच पर एक कुर्सी ख़ाली छोड़कर उस पर हेमंत द्विवेदी नाम लिख कर मीडिया के सामने अपनी बात रखी.
कैसे शुरू हुई तकरार
बद्रीनाथ चंदा चढ़ावा चोरी मामले पर बीते कुछ वक़्त से उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है. इसी बीच प्रमोद नौटियाल की गिरफ़्तारी भी हुई जोकि इस चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं. इस पूरे मामले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जोकि पूर्व में बद्रीनाथ केदारनाथ समिति के अध्यक्ष की कमान भी संभाल चुके हैं,उनके द्वारा यह आरोप लगा गया कि समिति के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यकाल में चंदा चोरी जैसी घटनाएँ हुई है.जिसके आधार पर मौजूदा अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि इस मामले की जो जांच इस वक़्त चल रही है उस पर भी किसी प्रकार का प्रभाव ना पड़ सके.
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जिसका जवाब देते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की मांग करने से पहले गणेश गोदियाल को अपनी गिरेबान में झांकने की ज़रूरत है उन पर भी बीकेटीसी अध्यक्ष रहते हुए तमाम आरोप लगे हैं.वहीं इस चंदा चोरी मामले पर जिस आरोपी प्रमोद नौटियाल की गिरफ़्तारी हुई है उसकी नियुक्ति भी गणेश गोदियाल के कार्यकाल के दौरान हुई थी.
गणेश गोदियाल की खुली चुनौती
इसी बात ने तूल पकड़ लिया और गणेश गोदियाल ने हेमंत द्विवेदी को खुली चुनौती दे डाली. BKTC अध्यक्ष के उपस्थित न होने पर गणेश गोदियाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सवाल उठाया कि यदि हेमंत द्विवेदी के पास उनके ख़िलाफ़ सबूत हैं तो आख़िर उन्हें सार्वजनिक मंच पर आने से परहेज क्यों है? साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रमोद नौटियाल की उनके कार्यकाल में नियुक्ति का खंडन करते हुए कहा कि किसी नियुक्ति से उनका कोई वास्ता नहीं है. चढ़ावा चोरी मामले से जानता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर उनके कार्यकाल को निशाना बनाया जा रहा है.
यह विवाद तब और गहराया जब आरोपी प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति और पदोन्नति का मामला गोदियाल के कार्यकाल का बताया गया. जिसे गणेश गोदियाल पूरी तरह खारिज कर चुके हैं.ABP न्यूज़ से खास बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने यह भी कहा कि हेमंत द्विवेदी का सार्वजनिक मंच पर ना पहुंचना अपने आप में एक बड़ा जवाब है.
क्या हैं मांगें ?
फ़िलहाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच को सुनिश्चित करने के लिए नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की माँग रखी है.साथ ही उनका कहना है की यदि किसी के पास उनके ख़िलाफ़ कोई ठोस सबूत मौजूद हैं तो अब तक उन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई और सिर्फ़ आरोप लगाकर ही मामले को उलझाने की कोशिश क्यों की जा रही है.
इस दौरान गणेश गोदियाल ने सरकार पर तीखा हमला बोलता हुए यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई सत्ताधारी पार्टी से सवाल पूछने का काम करता है तो भाजपा मनगढ़ंत आरोप लगते हुए उसकी आवाज़ को दबाने की कोशिश करती है. फिलहाल इस मामले की जांच अपनी रफ़्तार से चल रही है.गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में जिस समिति के गठन हुआ था वो जल्द ही मुख्यमंत्री को मामले की पूरी रिपोर्ट सौंपेगी. अब देखना दिलचस्प होगा की इस पूरी प्रकरण नतीजा क्या निकल कर सामने आता है ?

























