अयोध्या गैंगरेप मामले में आया कोर्ट का फैसला, नौकर राजू खान को 20 साल की सजा, मोईद खान बरी
Ayodhya Gang Rape Case: इस मामले में नाबालिग बालिका के गर्भवती होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी.

अयोध्या के भदरसा गैंगरेप मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को सबूतों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया, जबकि उसके नौकर राजू खान को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी राजू खान पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
यह मामला 29 जुलाई 2024 को थाना पूराकलंदर में दर्ज किया गया था. नाबालिग बालिका के गर्भवती होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. इस मामले की सुनवाई पाक्सो कोर्ट में चल रही थी और अदालत में डीएनए सहित अन्य सबूते पेश किए गए.
इस मामले को लेकर मोईद खान और उसके नौकर राजू खान दोनों का डीएनए टेस्ट कराया गया था. कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार मोईद खान का डीएनए टेस्ट नेगेटिव आया, जबकि राजू खान का डीएनए टेस्ट पॉजिटिव पाया गया. इसी आधार पर अदालत ने राजू खान को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि मोईद खान को बरी कर दिया.
हालांकि अदालत से बरी होने के बावजूद मोईद खान फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेगा. उस पर पहले से गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई दर्ज है, जिसके चलते उसकी रिहाई पर कानूनी अड़चन बनी हुई है. गौरतलब है कि इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने मोईद खान की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की थी. उसके बेकरी प्रतिष्ठान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई थी.
वहीं अयोध्या रेप कांड के आरोपी मोईद खान के बरी होने के मामले पर अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा था कि यह समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश थी, अब सच सामने आ गया है. सरकार और प्रशासन को चाहिए कि जो घर गिराए हैं उनको बनवाएं.
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