Ayodhya Electricity: अयोध्या में बिजली के तारों के मकड़जाल से मिलेगी निजात, तेजी से चल रहा भूमिगत केबल बिछाने का काम
Ayodhya Electricity: ऊर्जा मंत्रालय, एनटीपीसी टांडा और अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से 'उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य पावर 2047' कार्यक्रम के अंतर्गत बिजली के तारों को भूमिगत किया जा रहा है.

Ayodhya Electricity: यूपी (UP) की योगी सरकार (Yogi Government) भगवान श्रीराम (Lord Ram) की नगरी अयोध्या (Ayodhya) का कायाकल्प करने में जुटी हुई है, जहां एक ओर भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण तेज गति से चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर को संवारने का काम भी पूरी रफ्तार से जारी है. इसी कड़ी में अयोध्या नगर में बेतरतीब ढंग से फैले बिजली के तारों को भूमिगत करने का काम जोर-शोर से चल रहा है. अधिकारियों की मानें तो जून 2023 तक अयोध्या नगर को तारों के मकड़जाल से निजात मिल जाएगी.
ऊर्जा मंत्रालय, एनटीपीसी टांडा और अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से 'उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य पावर 2047' कार्यक्रम के अंतर्गत बिजली के तारों को भूमिगत किया जा रहा है. 179.60 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस काम में एरियल बंडल केबल डालने का काम तो अक्टूबर तक ही पूरा कर लिया जाएगा. इसके अलावा अयोध्या में उजाला योजना के तहत अब तक 3,81,536 एलईडी लाइट का वितरण किया गया है. इससे विद्युत मांग में 20.22 मेगावाट की कमी आई है. साथ ही विभाग को 19 लाख रुपये की बचत भी हुई है.
लगभग 50 फीसदी काम हुआ पूरा
अधिशाषी अभियन्ता प्रदीप कुमार वर्मा का कहना है कि भूमिगत केबल बिछाने की कुल लागत लगभग 180 करोड़ है. अब तक हमने तकरीबन 50 फीसदी काम पूरा कर लिया है. इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम योजना का काम हमने जून 2021 में शुरू किया था, जिसे पूरा करने का लक्ष्य जून 2023 तक है. कार्य की प्रगति को लेकर हम हर हफ्ते बुधवार को रिव्यू मीटिंग करते हैं. उन्होंने बताया कि आगे के काम में रामपथ धाम के चौड़ीकरण के साथ-साथ अंडरग्राउंड केबल डालने का होगा. इसे जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य है.
ये भी पढ़ें- Noida Twin Tower Demolition: सावधान! ट्विन टावर गिराने से पहले दी गई हिदायत, इन बातों का रखें खास ख्याल
37,239 बीपीएल परिवारों को किया गया शामिल
अधिकारी के अनुसार अंडरग्राउंड केबलिंग के अलावा सौभाग्य योजना फेज-1 के तहत 61.80 करोड़ रुपये की लागत से 2,556 मजरों का विद्युतीकरण का कार्य किया गया है. इसमें 1,02,487 घरों का संयोजन कर उन्हें रोशन किया गया है. इनमें 37,239 बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है. इसके अलावा सौभाग्य योजना फेस-2 के तहत 10.27 करोड़ रुपये की लागत से 147 मजरों का विद्युतीकरण कर 13,260 घरों को रोशन किया गया है. इसमें 807 बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है.
सांसद लल्लू सिंह ने कही ये बात
उन्होंने बताया कि जिन घरों के लिये विद्युत लाइन निर्माण और संयोजन निर्गत किया जाना संभव नहीं था, उन घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना के तहत ही सोलर पावर पैक (सौर ऊर्जा) से रोशन किया गया है. जिले में ऐसे 470 घरों को सौर ऊर्जा के माध्यम से रोशन करने का कार्य पूरा कर लिया गया है. वहीं सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप भगवान राम की नगरी में विकास कार्य गतिमान हैं. इसी कड़ी में अयोध्या नगर में भूमिगत केबिल डालने का कार्य जून 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा, इससे नगर की खूबसूरती और बढ़ जाएगी. हमारी सरकार अयोध्या के पुराने वैभव को वापस लाने के लिये कटिबद्ध है.
ये भी पढ़ें- Ghulam Nabi Azad के इस्तीफे पर बोलीं स्मृति ईरानी- वो अब आजाद हुए लेकिन अमेठी तो...
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















