अमेठी तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में किसान यूनियन का हंगामा, DM की रोकी गाड़ी; 4 नेता भेजे जेल
Amethi News In Hindi: संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान किसान यूनियन ने डीएम की गाड़ी रोकने पर पुलिस से झड़प हो गई. इसमें चार नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. हालांकि स्थिति अभी नियंत्रित है.

अमेठी में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शनिवार (2 मई) को तहसील परिसर अचानक तनाव का केंद्र बन गया. डीएम के वापस लौटते समय भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के कार्यकर्ताओं ने गाड़ी रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया और जोरदार नारेबाजी की.
हालात तब बिगड़ गए जब पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद झड़प हो गई, जिससे परिसर में अफरातफरी मच गई. जानकारी के अनुसार, करीब आधे घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. हालांकि बाद में हालात पर काबू पा लिया गया और माहौल सामान्य किया गया.
चौपाल और जनसुनवाई के बीच बढ़ा विवाद
अमेठी तहसील परिसर में किसान यूनियन द्वारा चौपाल का आयोजन किया गया था, वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी संजय चौहान, उप जिलाधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी जनसुनवाई कर रहे थे. जनसुनवाई के बाद डीएम खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान किसानों ने 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा. डीएम ने 15 दिनों में समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन किसान तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे है.
गाड़ी रोकने पर बिगड़े हालात
आरोप है कि जैसे ही जिलाधिकारी वहां से निकलने लगे, कुछ कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी के सामने आकर मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए और वाहन रोकने की कोशिश किया . पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए डीएम की गाड़ी को वहां से निकलवाया, लेकिन इसी दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया. इसके अलावा तहसील परिसर में उग्र भीड़ और तनाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेठी कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इस बीच किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा, जिला प्रभारी अजय मिश्रा उर्फ विल्सन बाबा और एक अन्य कार्यकर्ता को पुलिस ने पकड़ लिया और घसीटते हुए कोतवाली ले गई.
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ई-रिक्शा विवाद ने बढ़ाया तनाव
बताया जा रहा है कि डीएम के जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन में इस्तेमाल किए जा रहे माइक लगे ई-रिक्शा को कब्जे में लेना चाहा. इस पर किसान नेताओं ने विरोध किया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और गहरा गया. जिसके कारण दोनों पक्षों में तीखी नोंकझोंक के साथ धक्का मुक्की शुरू हो गई.
राजनीतिक हलचल के बाद नेताओं ने की रिहाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही सपा और बीजेपी के स्थानीय नेता अलग-अलग कोतवाली पहुंचे और गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई की मांग किया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद ही निर्णय लिया जाएगा.
चार नेताओं को भेजा गया जेल
प्रदर्शन के दौरान अमेठी कोतवाली पुलिस के द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय किसान यूनियन के चार नेताओं के खिलाफ शांति भंग की धारा में चालान करते हुए शनिवार की शाम को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपियों की जमानत को नामंजूर कर दिया. इसके बाद अमेठी पुलिस ने चारों नेताओं परसराम, राजकुमार, बाबा सूरजदीन और अजय मिश्रा उर्फ विल्सन बाबा को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया है.
समस्या का जल्द होगा समाधान- जिलाधिकारी
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि किसान नेताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े विवाद की बात नहीं है.
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