Sant Kabir Nagar: शिक्षक को लूटने वाले 3 बदमाश गिरफ्तार, तीन बड़ी घटनाओं का हुआ खुलासा
Sant Kabir Nagar News In Hindi: खलीलाबाद में पुलिस और SOG की टीम ने शिक्षक को लूटने वाले 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. गैंग का सरगना मोबाइल लूटकर लोगों के खातों से साइबर ठगी भी करता था.

पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने डंड़वा नहर पुलिया के पास से एक शिक्षक को पीटकर लूटने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. पकड़े गए बदमाशों के पास से 19,450 रुपये नकद, चोरी की चार साड़ियां, सात मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक पर्स, जरूरी दस्तावेज और घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक बरामद हुई है. पुलिस की पूछताछ में इन बदमाशों ने लूट और चोरी की तीन बड़ी घटनाओं का खुलासा किया है.
एएसपी ने दी गिरफ्तारी की जानकारी
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुशील कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाल जयप्रकाश दूबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय की टीम ने मुखबिर की सूचना पर डड़वा नहर पुलिया के पास घेराबंदी की और तीनों बदमाशों को दबोच लिया.
पकड़े गए बदमाशों की पहचान खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के भेलवासी निवासी संजीव कुमार उर्फ संजू निषाद (मुख्य आरोपी) और उसके दो सालों- मेंहदावल क्षेत्र के जमुहरा बड़का टोला निवासी मोहन निषाद तथा राहुल उर्फ मुनक्का के रूप में हुई है.
बदमाशों का कबूलनामा: चोरी, लूट और छिनैती
पूछताछ में मुख्य आरोपी संजीव और राहुल ने बताया कि उन्होंने हाल ही में तीन वारदातों को अंजाम दिया था.
- 15 अप्रैल: बाहिलपार गांव में एक मकान की खिड़की से घुसकर बक्सा चोरी किया, जिसमें 2,000 नकद, चार साड़ियां, सोने के टप्स और चांदी की पायल थी.
- 17 मई: महुली थाना क्षेत्र के कोदवट गांव में एक महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र छीना.
- 20 मई: मड़या ओवरब्रिज के पास शिक्षक अमित त्रिपाठी को लिफ्ट देकर पीटा और उनका पर्स व मोबाइल छीन लिया. पर्स में 8,000 नकद, एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कार्ड रखे थे.
लूट के मोबाइल से करते थे 'साइबर ठगी'
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गैंग का सरगना संजीव कुमार उर्फ संजू निषाद सिर्फ लुटेरा ही नहीं, बल्कि साइबर ठगी का मास्टरमाइंड भी है. वह लूटे गए मोबाइल फोन और उसमें मौजूद सिम कार्ड का इस्तेमाल करके फर्जी यूपीआई (UPI) आईडी बनाता था.
इसके बाद वह भोले-भाले लोगों के बैंक खातों से धनराशि उड़ाने की साजिश रचता था. इस गिरोह ने अपना नेटवर्क गोरखपुर, बस्ती और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में फैला रखा था.
कोतवाल जय प्रकाश दूबे के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजीव ने साल 2022 में बखिरा क्षेत्र से चोरी की घटनाओं के जरिए जरायम की दुनिया में कदम रखा था. धीरे-धीरे उसने अपने सालों के साथ मिलकर एक मजबूत गैंग तैयार कर लिया और आसपास के कई जिलों में सक्रिय हो गया. फिलहाल पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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