अमेठी: नर्सिंग छात्रा का पंखे से लटका मिला शव, प्रिंसिपल-वार्डेन पर केस
अमेठी में रक्षाबंधन के पर्व पर इंदिरा गांधी नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम तृतीय वर्ष की 21 साल की छात्र ने कॉलेज के कमरे में पंखे से लटकर अपनी जान दे दी. पुलिस ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ शिकंजा कसा है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है . जहां पर मुंशीगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे में ही स्थित इंदिरा गांधी नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम (GNM) तृतीय वर्ष की 21 वर्षीय छात्रा दीप्ति यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कॉलेज के कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला. रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन घटी इस दर्दनाक घटना से पूरे कॉलेज परिसर और छात्रा के परिवार में मातम छा गया. मृतका की पहचान सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय क्षेत्र की निवासी के रूप में हुई है. परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ शिकंजा कसते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
पंखे से लटका मिला शव, परिसर में मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन छात्रा दीप्ति यादव का शव उसके कमरे में दुपट्टे के सहारे छत के पंखे से लटकता पाया गया. घटना की खबर फैलते ही कॉलेज हॉस्टल और पूरे परिसर में अफ़रा-तफ़री और हड़कंप का माहौल बन गया. सहपाठियों और कॉलेज कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी.
सूचना मिलते ही मुंशीगंज कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करते हुए साक्ष्य जुटाए. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर परिजनों को तुरंत सूचित किया. परिजनों के सुल्तानपुर से अमेठी पहुंचने से पहले ही पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया था जिसे परिजनों को आपत्ति हुई कि आखिर इतनी जल्दी क्या थी.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य जांचों से खुलेगा मौत का राज
हालांकि, शुरुआती स्तर पर पुलिस इसे आत्महत्या के दृष्टिकोण से देखकर जांच कर रही थी, लेकिन परिजनों की असंतुष्टि ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. परिजनों के गंभीर आरोप और उठते सवाल के मध्य मृतका की मां सुनीता ने घटनाक्रम को लेकर कॉलेज प्रशासन और पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर गहरे सवाल खड़े किए हैं. मृतका की मां ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 10:45 बजे दीप्ति से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी, तब वह बिल्कुल ठीक थी और उसने किसी मानसिक तनाव या परेशानी का जिक्र नहीं किया. फिर दोपहर में अचानक परिजनों को फोन कर बताया गया कि दीप्ति की हालत गंभीर है. परिजनों का आरोप है कि उनके कॉलेज पहुंचने से पहले ही शव को घटनास्थल से हटा दिया गया और आनन-फानन में पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ का अंदेशा है. मृतका की मां ने यह भी बड़ा सवाल उठाया कि दीप्ति की चप्पलें कॉलेज परिसर में ही पाई गईं, जबकि वह बिना चप्पल के कहीं बाहर कदम भी नहीं रखती थी.
प्रधानाचार्य और वार्डेन पर हत्या का मुकदमा दर्ज
परिजनों द्वारा आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज करने और हत्या की आशंका पर काफी ज्यादा जहाज करने के बाद मुंशीगंज कोतवाली पुलिस ने मृतका की मां सुनीता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने शनिवार को इंदिरा गांधी नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश एस. और छात्रावास वार्डेन नेहा शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में शनिवार को हत्या (Murder Case) का मुकदमा दर्ज कर लिया है.
घटना के बाद से ही मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहनता से जांच की जाए ताकि दीप्ति की मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाया जा सके और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले.
CDR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर होगी आगे की कार्रवाई
मुंशीगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और नामजद आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है. फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
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