आजमगढ: 2007 के दोहरे हत्याकांड में फैसला, ब्लॉक प्रमुख समेत 9 को उम्रकैद
आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में वर्ष 2007 में हुए दोहरे हत्याकांड में सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक कमलापति की अदालत ने ब्लॉक प्रमुख समेत 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में वर्ष 2007 में हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आज फैसला सुनाया. अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक कमलापति की अदालत ने इस मामले ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. प्रत्येक दोषी पर 74-74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया. कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर मंडलीय कारागार भेजा.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे गांव निवासी रामजन्म सिंह अपने दरवाजे पर बैठे थे. इसी दौरान गांव के तत्कालीन प्रधान विपिन सिंह जो इस समय ब्लॉक प्रमुख रानी की सराय ब्लॉक के प्रमुख है उनके साथ दस लोग हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे.
गोली लगने से तालुकदार और पारसनाथ सिंह की हुई थी मौत
विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी, और राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मारी. अन्य आरोपियों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट भी की. गोली लगने से तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्जकर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया.
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अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाहों को किया गया पेश
हालांकि इस मुकदमे के दौरान आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई थी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने नौ आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया. आज न्यायालय ने सभी 9 दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 74-74 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया. करीब 19 वर्ष पुराने इस दोहरे हत्याकांड में अदालत के फैसले के साथ मुकदमे में अहम न्यायिक निर्णय सामने आया.






















