एक्सप्लोरर

इलाहाबाद टू प्रयागराज...पहली सालगिराह आज; सियासत के बीच छोटे से सफर में मिली कई उपलब्धियां

इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज हुए आज पूरा एक साल हो गया है। प्रयागराज आज अपनी पहली सालगिराह मना रहा है। अपने इस छोटे से सफर में सियासत के बीच इस शहर ने कई सारी उपलब्धियां हासिल की हैं।

प्रयागराज, मोहम्मद मोईन। धार्मिक और सियासी तौर पर देश भर में अपनी अलग और खास पहचान रखने वाले इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के योगी सरकार के फैसले को आज एक साल पूरा हो गया है। एक साल के प्रयागराज की आज पहली सालगिरह है। हालांकि इस नये नाम ने साल भर के छोटे से सफर में ही अपने खाते में न सिर्फ तमाम उपलब्धियां बटोर ली हैं, बल्कि इस तारीखी शहर को नई पहचान भी मुहैया कराई है।

इलाहाबाद टू प्रयागराज...पहली सालगिराह आज; सियासत के बीच छोटे से सफर में मिली कई उपलब्धियां

कुंभ के वैभव से लेकर स्मार्ट सिटी तक का सफर प्रयागराज को साल भर में ही इतराने का मौका देने के लिए काफी है। हालांकि, नाम बदले जाने पर पिछले साल शुरू हुई सियासत पहली सालगिरह पर भी जारी है। यूपी सरकार जहां अपने फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए साल भर में विकास की गंगा के सहारे इस शहर को बहुत कुछ मिलने के दावे कर रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां फिर से यह राग अलाप रही हैं कि नाम बदलने का सियासी फायदा लेने के सिवाय हकीकत में कुछ भी नहीं हुआ है। सियासी दावों से अलग प्रयागराज की जनता तो मान रही है कि साल भर में काफी कुछ मिला, हालांकि लोग अभी बहुत कुछ और पाने की आस लगाए बैठे हैं।

गौरतलब है कि यूपी की योगी सरकार ने अपना वादा निभाते हुए पिछले साल 16 अक्टूबर को इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया था। कैबिनेट की बैठक के दो दिन बाद ही 18 अक्टूबर को नोटिफिकेशन कर इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया गया था। इस लिहाज से आज का दिन प्रयागराज की पहली सालगिरह है। पहले ही साल प्रयागराज में हुए कुंभ मेले के दौरान देश ही नहीं बल्कि समूची दुनिया ने इस शहर के वैभव को देखा। साथ ही, यहां की संस्कृति व संदेश से भी रूबरू हुए। 51 दिन के कुंभ के आयोजन में दुनिया भर के तकरीबन पौने दो सौ देशों के 22 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने संगम की रेती पर आस्था की डुबकी लगाई।

कुंभ के लिए प्रयागराज शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले को दुल्हन की तरह खूबसूरती से सजाया गया। यहां पुलों का जाल बिछाया गया। सड़कें चौड़ी की गईं। खूबसूरत चौराहे बनाए गए। पूरे शहर में पेंटिंग की गई, तो साथ ही बिजली की आकर्षक रोशनी में शहर जगमगा उठा। राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक ने भी कुंभ के वैभव को देखा। यह शहर इस तरह चमका और विकसित हुआ, जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर होते हैं। कुंभ खत्म होते ही प्रयागराज को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने का काम भी शुरू हो गया है।

prayagraj

इन सबसे अलग हटकर यहां के ज्यादातर लोग प्रयागराज नाम सुनकर गौरवान्वित व आनंदित भी हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि नाम बदलना मुगल बादशाह अकबर द्वारा 445 साल पहले की गई भूल को सुधार करने का बड़ा मौका था। जानकारों के मुताबिक, इलाहाबाद का पुराना नाम प्रयाग ही रहा है। पुराणों से लेकर तमाम धार्मिक ग्रंथों व इतिहास के पन्नों में भी इस शहर का नाम प्रयाग के तौर पर ही है। ऐसे में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री व प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि इलाहाबाद का नाम बदला नहीं गया, बल्कि उसका पुराना नाम उसे वापस किया गया है। वह साल भर के सफर में कुंभ और विकास के साथ ही तमाम उपलब्धियों को दावों के साथ गिनाते हैं।

दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि नाम बदलने के बावजूद इस शहर को कुछ भी हासिल नहीं हुआ। विकास के कामों पर भी वह सवालिया निशान खड़े कर रहा है, साथ ही सत्ता पक्ष पर इस मसले पर सियासत करने का गंभीर आरोप भी लगाया जा रहा है। वहीं, इन सबसे अलग हटकर आम नागरिक तो यह मान रहे हैं कि प्रयागराज नामकरण के बाद इस शहर को सांस्कृतिक पहचान तो मिली ही है, साथ ही विकास के मायने में भी इसका कायाकल्प हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में प्रयागराज और यहां के लोगों को काफी कुछ और भी मिल सकता है।

 इलाहाबाद टू प्रयागराज...पहली सालगिराह आज; सियासत के बीच छोटे से सफर में मिली कई उपलब्धियां

धर्म और अध्यात्म के नगर प्रयागराज की पहचान 1574 में तब बदल गई थी, जब मुगल बादशाह अकबर ने यमुना के तट पर एक शानदार किले का निर्माण कराया और प्रयाग का नाम बदलकर अल्लाहाबाद कर दिया। गुलामी के इस नाम के साथ प्रयाग का वास्ता 444 सालों तक बना रहा। अंग्रेजी राज के दौरान यह शहर कई सालों तक संयुक्त प्रान्त की राजधानी के तौर पर भी जाना जाता रहा। 1857 की पहली आजादी की क्रान्ति में यह चौदह दिनों तक अंग्रेजों की गुलामी से आजाद रहा और इस दौरान इसकी छाती पर आजादी का झंडा लहराता रहा। देश की आज़ादी के बाद यह शहर सियासत के फलक पर खूब चमका और इसने देश को कई प्रधानमंत्री व दूसरे बड़े नेता दिए।

444 साल की गुलामी को तोड़कर 18 अक्टूबर, 2018 को प्रयाग का पुनर्जन्म हुआ। बीते एक साल में इस शहर ने कई उतार-चढ़ाव देखें। इलाहाबाद रहते हुए इसे जो पहचान मिली थी, उससे कहीं ज़्यादा शोहरत पुराना नाम वापस लौटने पर मिल रही है। प्रयागराज की नयी पहचान अब लोगों को उनके धर्म, संस्कृति और परम्पराओं का बोध करा रही है। हांलाकि यहां के नागरिकों के मन में थोड़ी टीस अभी बची हुई है। यह टीस इस बात की है कि यूपी सरकार ने प्रयाग को उसका पुराना गौरव तो वापस दिला दिया है, लेकिन केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में प्रयाग आज भी इलाहाबाद ही है। इसके चलते हाईकोर्ट -यूनिवर्सिटी और जंक्शन के साथ अब भी इलाहाबाद ही जुड़ा हुआ है। लोगों को इसका मलाल तो है, लेकिन यह उम्मीद बरकरार है कि प्रयाग जल्द ही पूरी तरह प्रयागराज हो जाएगा।

यह भी पढ़ें:

पीसीएस की परीक्षा में बड़े बदलाव, अरबी- फारसी समेत 5 विषय खत्म, जानें- छात्रों पर क्या पड़ेगा असर प्रयागराज : प्याज की आसमान छूती कीमतों पर टूटी सरकारी अमले की नींद, बारह टीमें कसेंगी मुनाफाखोरों पर शिकंजा भदोही के इस कुएं से आ रही है विचित्र आवाजें, कांप रही है जमीन, प्रशासन ने गांव खाली कराया
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: विपक्ष पर भड़के CM योगी, 'पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने का औचित्य नहीं'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: विपक्ष पर भड़के CM योगी, 'पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने का औचित्य नहीं'
Basti News: मुंबई में उजड़ गया पूरा परिवार, इमारत गिरने से मां समेत 4 मासूम बच्चों की मौत, गांव में पसरा मातम
मुंबई में उजड़ गया पूरा परिवार, इमारत गिरने से मां समेत 4 मासूम बच्चों की मौत, बस्ती में पसरा मातम
Explained: UP गवर्नर बोलीं- 'लड़कियां पढ़ाई के समय प्रेग्नेंट...', जबकि 15 साल में 9.2% घटी ग्रोथ, कैसे गलत साबित हुईं राज्यपाल?
UP गवर्नर बोलीं- लड़कियां पढ़ाई के समय प्रेग्नेंट! जबकि 15 साल में 9.2% घटी दर, कैसे गलत साबित?
Kashi Vishwanath Temple: CM योगी के निर्देश पर बदली व्यवस्था, स्थानीय श्रद्धालुओं को मिलेगी ये सुविधा
काशी विश्वनाथ मंदिर: CM योगी के निर्देश पर बदली व्यवस्था, स्थानीय श्रद्धालुओं को मिलेगी ये सुविधा

वीडियोज

Tata Sierra EV QWD first look and interior, features | #tata #tatasierraev #autolive #sierraev
Mumbai Rains: हर तरफ से 'कटा', मुंबई बना टापू! |ABPLIVE
Sansani: ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में चलता-फिरता जंगल? | Nagpur
Breaking | Wayanad Landslide | Kerala: वायनाड में पहाड़ से उतरी तबाही! | Rain Alert | ABP News
Ram Mandir Chori Update | Janhit: चंपत ने बताया..चढ़ावा किसने चुराया? | UP News | Ayodhya | SIT

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूएस-ईरान में भड़का युद्ध तो बंद होगा होर्मुज! भारत के पास कितने दिन का तेल स्टॉक? जानें सब कुछ
यूएस-ईरान में भड़का युद्ध तो बंद होगा होर्मुज! भारत के पास कितने दिन का तेल स्टॉक? जानें सब कुछ
प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, इस नेता ने दिया इस्तीफा, बांकीपुर से BJP को दिया समर्थन
प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, इस नेता ने दिया इस्तीफा, बांकीपुर से BJP को दिया समर्थन
Dhamaal 4 Advance Booking: अजय देवगन की 'धमाल 4' की एडवांस बुकिंग हुई शुरू, जानें- रिलीज से पहले कितना कर डाला कलेक्शन
'धमाल 4' की एडवांस बुकिंग हुई शुरू, जानें- रिलीज से पहले कितना कर डाला कलेक्शन
इतिहास में दर्ज हुआ अर्जेंटीना और इजिप्ट का मैच, रिकॉर्ड बनने के साथ हुआ भयंकर विवाद; मेसी पर लगा आरोप
इतिहास में दर्ज हुआ अर्जेंटीना और इजिप्ट का मैच, रिकॉर्ड बनने के साथ हुआ भयंकर विवाद
मिडिल ईस्ट में बर्बादी की आहट! ट्रंप ने बताया कैंसर तो ईरान का पलटवार, कहा- हम लड़ाई के लिए तैयार
मिडिल ईस्ट में बर्बादी की आहट! ट्रंप ने बताया कैंसर तो ईरान का पलटवार, कहा- हम लड़ाई के लिए तैयार
NIA Raid:देशभर में NIA की मेगा रेड!10 राज्यों में ISIS-AQIS ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 20 ठिकानों पर छापेमारी
देशभर में NIA की मेगा रेड!10 राज्यों में ISIS-AQIS ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 20 ठिकानों पर छापेमारी
Prabhas Mandal Encounter: 'बेटे ने गलत किया, नहीं चाहिए उसका शव, जो चाहो वो करो', बंगाल रेप आरोपी के एनकाउंटर पर बोली मां
'बेटे ने गलत किया, नहीं चाहिए उसका शव, जो चाहो वो करो', बंगाल रेप आरोपी के एनकाउंटर पर बोली मां
ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन, पांच ठिकानों पर छापेमारी, बैंक अकाउंट में 440 करोड़ रुपये फ्रीज
ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन, पांच ठिकानों पर छापेमारी, कई बैंक एकाउंट्स फ्रीज
Embed widget