अलीगढ़: ऑपरेशन के दौरान शिक्षिका की मौत, परिजनों का हंगामा; डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप
Aligarh News In Hindi: ऊपरकोट निवासी शाइस्ता इश्ताक अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका थीं. वह काफी समय से पित्ताशय में पथरी की समस्या से जूझ रही थीं. ऑपरेशन के दौरान मौत हो गयी.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंची एक महिला शिक्षिका की ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. मामला थाना क्वार्सी क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है.
ऊपरकोट निवासी शाइस्ता इश्ताक अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका थीं. वह काफी समय से पित्ताशय में पथरी की समस्या से जूझ रही थीं. परिजनों के अनुसार, बेहतर इलाज की तलाश में उन्होंने कई जगह परामर्श लिया, जिसके बाद धौर्रा स्थित एसआईजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया गया.
क्या है पूरा मामला ?
अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी थी और भरोसा दिलाया था कि ऑपरेशन सही सलामत होगा जिसके बाद रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे शाइस्ता को अस्पताल बुलाया गया. सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद करीब 11 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. ऑपरेशन के लिए एनेस्थीसिया देने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज से डॉ. सरफराज को बुलाया गया था. परिजनों का कहना है कि महिला हंसते-मुस्कराते हुए ऑपरेशन थिएटर में गई थीं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा.
परिजनों को नहीं दी कोई जानकारी
परिजनों के मुताबिक, एनेस्थीसिया देने के तुरंत बाद ही शाइस्ता की हालत बिगड़ने लगी. ऑपरेशन थिएटर के बाहर मौजूद परिजनों को कुछ समय तक कोई जानकारी नहीं दी गई. जब अंदर अफरा-तफरी मची तो तीमारदारों को शक हुआ और उन्होंने डॉक्टरों से जानकारी मांगी. इस पर बताया गया कि मरीज को हार्ट अटैक आया है. कुछ देर बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल में शुरू हो गया हंगामा
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना है कि गलत तरीके से या अधिक मात्रा में एनेस्थीसिया दिए जाने के कारण महिला की हालत बिगड़ी, जिसके चलते उसकी जान चली गई. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एनेस्थीसिया देने के बाद भी ऑपरेशन किया गया, जिसके निशान महिला के शरीर पर मौजूद हैं.
पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया. पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, अस्पताल के डॉ. अमजद अली रिजवी जो कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिस कर चुके हैं उनके द्वारा अपनी सफाई में कहा कि महिला को पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था. एनेस्थीसिया देने के बाद अचानक उनका हार्ट कमजोर पड़ गया. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की और कई घंटे तक उनकी स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया, लेकिन वह होश में नहीं आ सकीं और उनकी मौत हो गई. उन्होंने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है.
लापरवाही का आरोप
दूसरी ओर, मृतिका के भाई मकसूद अली का कहना है कि अस्पताल प्रशासन सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है. उनका आरोप है कि यदि समय रहते सही इलाज और सतर्कता बरती जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
पुलिस ने शुरू की जांच
क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन सर्वम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है. वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नीरज त्यागी ने भी कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL



























