अलीगढ़ में हुआ 'हवाई हमले' की मॉक ड्रिल, 12 छात्रों का किया गया रेस्क्यू
Aligarh Mock Drill: अलीगढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज में हवाई हमले की मॉक ड्रिल कराई गई. जिसमें 500 में से 12 छात्र लापता दिखाए गए थे. रेस्क्यू टीम ने किया बचाव. आपात स्थिति की तैयारी जांची गई.

नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए रिहर्सल (मॉक ड्रिल) कराई गई. यूपी के सभी जिलों के साथ अलीगढ़ में भी शाम 6:00 बजे ब्लैकआउट किया गया. सायरन बजते ही आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए टीमें दौड़ पड़ीं.
दरअसल अलीगढ़ के नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में हवाई हमले की मॉक ड्रिल कराई गई. इसके तहत 500 छात्र-छात्राओं में से 488 सकुशल निकल गए, वहीं 12 बच्चों को जानबूझकर ऐसे दिखाया गया जैसे वे आपात स्थिति में कहीं गुम हो गए हों.
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया
12 लापता छात्र-छात्राओं के रेस्क्यू के लिए प्रभारी अधिकारी आपदा एवं अपर जिलाधिकारी नगर के नेतृत्व में:
- अग्निशमन विभाग
- सिविल डिफेंस
- NDRF
- NCC
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन आरंभ किया.
ब्लैकआउट और रेस्क्यू की प्रक्रिया
मौका था हवाई हमले एवं आपात स्थिति के दौरान जान-माल के नुकसान को कम से कम करने एवं घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक एवं नागरिक तैयारियों को जांचने का. जैसे ही प्रभारी अधिकारी आपदा को हवाई हमले का सायरन सुनाई दिया, उन्होंने विद्यालय परिसर में ब्लैकआउट करने का आदेश दिया.
प्रिंसिपल ने दी सूचना
मौके पर प्रधानाचार्य नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज रविंद्र पाल सिंह तौमर ने बताया कि 12 बच्चे अभी भी विद्यालय में फंसे हुए हैं. ADM सिटी ने त्वरित कार्रवाही करते हुए आपदा राहत टीमों को रेस्क्यू करने एवं स्वास्थ्य विभाग को अपने संसाधनों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए.
इसके बाद टीमों द्वारा 'घायलों' को एंबुलेंस से तत्काल चिकित्सालयों में भेजा गया. इसके बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में अग्निकांड से बचाव के लिए भी मॉक ड्रिल आयोजित की गई और नागरिकों को आपात स्थिति में संयम बरतते हुए बचाव के उपाय बताए गए.
कोई मृत्यु नहीं, 12 को भेजा अस्पताल
मॉक ड्रिल के बाद प्रभारी अधिकारी आपदा किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि हवाई हमले में कोई भी मृत्यु नहीं हुई. 'घायल' 12 छात्र-छात्राओं को चिकित्सकीय लाभ के लिए भेजा गया. इस दौरान उन्होंने नागरिकों को आपात स्थिति में क्या करें और क्या न करें के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी.
कौन-कौन रहे मौजूद
इस अवसर पर:
- उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा एवं नगर मजिस्ट्रेट डॉ. अतुल गुप्ता
- प्रभारी निरीक्षक नागरिक सुरक्षा सी.पी. सिंह
- NDRF टीम प्रभारी उज्ज्वलकांत पांडेय
- NCC से मेजर एन.के. सिंह
- SE हाइडिल उमेश जैन
- ACMO डॉ. वी.के. राजपूत, डॉ. अंशु सक्सेना, डॉ. जितेंद्र पाल सिंह
- विद्यांचल गुप्ता, वर्षा सारस्वत
- आपदा विशेषज्ञ दीपक मिश्रा
- सहायक आपदा विशेषज्ञ आदित्य कुमार
समेत आपदा राहत टीमों के जवान उपस्थित रहे. यह मॉक ड्रिल आपात स्थिति में प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारी और तालमेल को जांचने के लिए कराई गई थी, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो.



















