Aligarh News: उदयपुर फाइल्स को लेकर भड़के मुस्लिम धर्मगुरु, बोले ये बर्दाश्त नहीं
Aligarh News: यूपी के अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु ने फिल्म उदयपुर फाइल्स को लेकर बड़ी मांग कर दी है. उन्होंने कहा कहा है कि फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाई जाए ये फिल्म बर्दाश्त नहीं

अलीगढ़ में उदयपुर फाइल्स फ़िल्म को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं उदयपुर फाइल्स का ट्रेलर रिलीज होने के बाद जहां एक ओर उदयपुर फाइल्स पर रोक लगाने की मांग जमीयत उलेमा हिंद के द्वारा की गई थी लेकिन अब अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु व वरिष्ठ अधिवक्ता और भारतीय समाज सेवक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी इंफ्राहिम हुसैन के द्वारा बड़ी मांग करते हुए इस फिल्म को बर्दाश्त न करने की बात कही है.
वहीं मुस्लिम धर्मगुरु का कहना है समाज को लड़ाने की प्लानिंग चल रही है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इंटरट्रेटमेंट के नाम पर लगातार एक कौम को टारगेट करने का काम किया जा रहा है सेंसर बोर्ड को इस पर तत्काल लगाम लगानी चाहिए उदयपुर फिल्म पर माननीय न्यायालय के द्वारा भी हस्तक्षेप करना चाहिए तो वही मौजूदा सरकार के द्वारा भी सेंसर बोर्ड पर रोक लगानी चाहिए अगर ऐसा नहीं किया गया तो कानून की लड़ाई लड़ी जाएगी.
पीएम मोदी के लिए की थी ये मांग
आपको बता दें मुस्लिम धर्मगुरु इंफ्राहिम हुसैन के द्वारा जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शांति दूत बनाने की मांग को लेकर यूएनओ को पत्र लिखा था वहीं दूसरी ओर मुस्लिम धर्मगुरु के द्वारा उदयपुर फाइल्स पर रोक लगाने की मांग की है जिससे साफ जाहिर होता है समाज की कुरीतियों के खिलाफ मुस्लिम धर्मगुरु हमेशा आवाज उठाते रहेंगे.
जहां एक ओर ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक्स पर लिखा कि फिल्म के ट्रेलर में नुपुर शर्मा का विवादित बयान भी शामिल है, जिससे न केवल देशभर में सांप्रदायिक माहौल खराब हुआ, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि भी खराब हुई और दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ा. इसके बाद बीजेपी को नुपुर को पार्टी से निकालने पर मजबूर होना पड़ा था.लेकिन उस बयान को आज इस फ़िल्म में दोहराया जारहा है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा.
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने क्या कहा?
जहां एक ओर देश में सभी धर्म के लोग आपस में भाईचारा बनाकर रह रहे हैं इस तरह की फिल्मों से मतभेद पैदा होते हैं और शांति सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है इस फिल्म से विशेष समुदाय के लोगों के मान सम्मान के साथ उनके जो आदर्श हैं उनको भी ठेस पहुंचाने का काम इस फिल्म के ट्रेलर के द्वारा किया जा रहा है इस ओर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है इस तरह की फिल्मों से धार्मिक उत्पाद पैदा होते हैं तो सरकार के द्वारा ऐसी फिल्मों पर रोक लगाते हुए इन्हें परमिशन नहीं देनी चाहिये उदयपुर फाइल्स जैसी नफरत फैलाने वाली फिल्म समाज में भाई चारे के खिलाफ हैं.
आगे कहा फिल्म के जरिए एक वर्ग विशेष और धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है. उन्होंने आश्चर्य जताया है कि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को मंजूरी कैसे दे दी. फिल्म को स्वीकृति देना दर्शाता है कि इस फिल्म के पीछे कुछ ताकतें और लोग हैं, जो एक विशेष समुदाय की छवि खराब करके देश की बहुसंख्यक आबादी के बीच उनके खिलाफ जहर फैलाना चाहते हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जल्द इस फिल्म पर रोक नही लगाई गई तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
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Source: IOCL























