'ईडी और CBI क्यों खामोश', कोडीन कफ सिरप मामले में पूर्व CM अखिलेश यादव ने फिर उठाए सवाल
UP News: कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 800 करोड़ की संपत्ति बनने के बाद भी ईडी-सीबीआई जांच नहीं कर रही.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. शनिवार (10 जनवरी) को लखनऊ में उन्होंने सवाल किया कि इस रैकेट में शामिल लोगों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से क्यों नहीं कराई जा रही है.
अखिलेश यादव ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट में शामिल लोगों ने करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है, इसके बावजूद ईडी या सीबीआई जैसी एजेंसियां उनकी जांच नहीं कर रहीं. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ईडी सिर्फ उन्हीं राज्यों में क्यों सक्रिय हो जाती है, जहां चुनाव हो रहे होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर एजेंसियां निष्पक्ष हैं, तो फिर इस बड़े कफ सिरप मामले की जांच क्यों नहीं हो रही.
भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के बीच लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. हाल ही में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था. सपा के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर इस मामले को लेकर प्रदर्शन और हंगामा किया था.
योगी सरकार का जवाब और जांच का दावा
विधानसभा सत्र के पहले दिन 19 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि इस मामले की जांच के लिए एक राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) काम कर रही है. इस एसआईटी में उत्तर प्रदेश पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) से जुड़े अधिकारी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा था कि अवैध कारोबार का पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा है, यह सब जांच में सामने आएगा.
अखिलेश के आरोपों पर योगी का तंज
अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “उनके बारे में बस यही कहूंगा, यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा.” उन्होंने यह भी कहा था कि माफियाओं के साथ अखिलेश यादव की तस्वीरें मौजूद हैं और जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा.
सरकारी आंकड़े भी रखे गए सामने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया था कि सरकार ने इस मामले में 79 केस दर्ज किए हैं, 225 लोगों को नामजद किया गया है और 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा था कि 134 कंपनियों पर छापे मारे गए हैं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लेन-देन की जांच एसटीएफ कर रही है. मुख्यमंत्री का दावा था कि गहराई से जांच करने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं या पदाधिकारियों से इसके संबंध सामने आते हैं.
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