'अब भाजपाई कहने से लोग चिढ़ रहे हैं...', अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर प्रदर्शन का वीडियो किया शेयर
UP Politics: अखिलेश यादव ने कहा कि ये भी अजब बात है कि एक तरफ तो बीजेपी और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं.

दिल्ली में नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी को घेरने के लिए विपक्ष कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा. इसी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लंबा चौड़ा पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है कि अब 'भाजपाई' कहने से लोग चिढ़ रहे हैं.
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, "ये भी अजब बात है कि एक तरफ तो बीजेपी और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ जब उन्हें भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं."
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चढ़ावा चोरी से दुर्व्यवहार पर बीजेपी को घेरा
आखिलेश याद ने आगे लिखा, "आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से बीजेपी के झंडे उतरे हैं कल बीजेपी भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
- अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
- दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
- पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
- मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
- लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
- बीजेपी समर्थकों के निराश होने का दावा
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 24, 2026
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से… pic.twitter.com/8y8APKaheG
यही नहीं अखिलेश यादव के मुताबिक अब बीजेपी को बचाने वाले भी नहीं आगे आ रहे, उन्होंने लिखा, "अब बीजेपी के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं. दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो. इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं."
बीजेपी के समर्थकों को बताया शर्मसार होना
सपा प्रमुख ने आगे लिखा, "बीजेपी के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से बीजेपी और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी बीजेपी की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो खुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें."
अपराधियों-भ्रष्टाचारियों को बचाने के आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए लिखा कि जिस तरह बीजेपी ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ बीजेपी समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया.
सपा चीफ ने कहा उत्तराखंड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुकदमे किये, बुलडोजर व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया. ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे बीजेपी का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है. इसीलिए बीजेपी समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के जहर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है.























