CJP के संसद मार्च लाठीचार्ज की याचिका की खारिज? CJI सूर्यकांत ने बताया सच, बोले- 'कोई... '
CJI Surya Kant CJP Protest: सीजेआई ने कहा कि इस मामले में SC में कोई याचिका दाखिल नहीं की गई. अदालत के सामने केवल एक प्रतिनिधित्व (रिप्रेजेंटेशन) भेजा गया था, जिसे याचिका नहीं माना जा सकता.

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शुक्रवार (24 जुलाई) को उन मीडिया रिपोर्टों को गलत ठहराया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने 20 जुलाई को छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी. अदालत के सामने केवल एक प्रतिनिधित्व (रिप्रेजेंटेशन) भेजा गया था, जिसे याचिका नहीं माना जा सकता.
सीजेआई ने कहा कि पिछले दो दिनों से कुछ मीडिया संस्थानों में पूरी तरह गलत खबरें चलाई गईं. इनमें दावा किया गया कि मामला अदालत में दायर किया गया था और मुख्य न्यायाधीश ने उसे तत्काल सुनवाई के लिए लिस्ट करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि यह जानकारी पूरी तरह गलत है.
सीजेआई ने वायरल खबरों को बताया गलत
उन्होंने कहा, 'पिछले दो दिनों में पूरी तरह झूठा बयान दिया गया कि मामला दायर किया गया था. मीडिया पूरी तरह जिम्मेदारी से हटकर गलत रिपोर्टिंग कर रहा है कि मुख्य न्यायाधीश ने मामले को लिस्ट करने से इनकार कर दिया.' मुख्य न्यायाधीश ने इस दौरान साफ किया कि अदालत में किसी मामले की सुनवाई तभी संभव होती है, जब संबंधित पक्ष विधिवत याचिका दाखिल करे.
क्या है पूरा मामला
दरअसल 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया था. इस दौरान पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज किया था. साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए थे. इस मामले को लेकर 22 जुलाई को वकील नरेंद्र मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में एक लेटर पिटीशन का जिक्र करते हुए कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया था. कोर्ट से वीडियो फुटेज देखने का भी आग्रह किया गया था.
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