'वंदे मातरम् का अपमान...', गजेंद्र सिंह शेखावत का कांग्रेस पर हमला
Gajendra Singh Shekhawat Attack on Congress:केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में विभक्त किया और यह दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है.

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में विभक्त किया और यह दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है. गजेंद्र सिंह शेखावत ने उक्त बातें रविवार को जोधपुर स्थित अपने निवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान कही है.
शेखावत ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और ऊर्जा का प्रतीक रहा है. इस गीत ने लाखों देशवासियों को आजादी के आंदोलन में भाग लेने और राष्ट्र के लिए बलिदान देने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलनों को एकता के सूत्र में पिरोने में भी ‘वंदे मातरम्’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
'कांग्रेस ने कभी नहीं दिया वंदे मातरम् को उचित सम्मान'
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि संविधान सभा के निर्णय के बावजूद कांग्रेस ने मन से कभी ‘वंदे मातरम्’ को उचित सम्मान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ के प्रति आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है. साथ ही उन्होंने कहा कि संसद द्वारा कानून पारित किए जाने के बाद इस संबंध में किए जा रहे कृत्य कानूनी दृष्टि से भी गंभीर विषय हैं.
ऑनलाइन कोचिंग की पहल को बताया बड़ा नवाचार
प्रधानमंत्री द्वारा ऑनलाइन कोचिंग को लेकर की गई पहल पर भी शेखावत ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नवाचार बताते हुए कहा कि बदलते समय और जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को लगातार आधुनिक बनाने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि देश में कोचिंग संस्थानों और संगठनों का मकड़जाल बढ़ रहा है और सामान्य एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए महंगी कोचिंग फीस वहन करना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में यदि विद्यार्थियों को ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाता है, जहां वे अपनी आवश्यकता के अनुसार कोर्स का चयन कर तैयारी कर सकें, तो यह स्वागत योग्य कदम होगा. शेखावत ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ऑनलाइन कोचिंग की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है.





















