Udaipur: 7000 किमी का रास्ता तय कर आती हैं प्रवासी पक्षियां, बर्ड फेस्टिवल का होता है आयोजन
उदयपुर में हर साल प्रवासी पक्षी 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचते हैं. सर्दी के शुरू में प्रवासी पक्षियों से उदयपुर की झीलों गुलजार हो जाती हैं. गर्मी आने के साथ ही इनका पलायन शुरू हो जाता है.

Udaipur News: झीलों की नगरी उदयपुर में 'मेहमान' 7 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय कर हर साल आते हैं. उनके आने की खुशी में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है. उदयपुर की झीलों का साफ पानी विदेशी मेहमानों के आने का कारण है. जलाशयों में उनकी अठखेलियां दिखते ही बनती है. यूरोप, सेंट्रल एशिया सहित अन्य देशों से आने वाले पक्षियों के लिए वन विभाग तीन दिनों तक फेस्टिवल का आयोजन करता है. उदयपुर में 50 प्रजातियों के पक्षी अलग-अलग देशों से आते हैं. तीन मेहमान 7 हजार से ज्यादा किलोमीटर की दूरी तय पहुंचते हैं. परिंदों के आने का समय नवंबर या सर्दी की शुरुआत में होता है. मौसम में गर्मी आने के साथ विदेशी पक्षियों का पलायन शुरू हो जाता है.
तीन पक्षियों के बारे में जानें रोचक तथ्य
1 कॉमन क्रेन (हिंदी नाम करंज, साइंटिफिक नाम गुर्स गुर्स) पक्षी भारत में उत्तरी कजाकिस्तान एवं मध्य एशिया से आते हैं. पक्षी समूह में लगभग 3 से साढ़े 3 हजार किलोमीटर का हवाई रास्ता तय कर सर्दी में भारत पहुंचते हैं. जोधपुर के खीचन में पहुंचने वाले पक्षी कुरजां से मिलते जुलते होते हैं.

2. ग्रे लेग गूज़ (हिंदी नाम राज हंस, साइंटिफिक नाम एंसर एंसर) पक्षी लगभग 6 से 7 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय कर मध्य यूरोप एवं मध्य एशिया से भारत की तरफ सर्दी में आते हैं. प्रवासी पक्षियों के पैर गुलाबी, चोंच हल्की नारंगी, पंख हल्का भूरा और पूंछ के नीचे का हिस्सा सफेद होता है.

3. बार हेडेड गूज़ (हिंदी नाम सरपट्टी सवन, एंसर इंडिकस) पक्षी भी 2.5 से साढ़े 3 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय कर साउथ चाइना, तिब्बत, मध्य एशिया से भारत सर्द में आते हैं. लगभग समुंद्र तल से 29 हज़ार फीट की ऊंचाई तक उड़ने की क्षमता होती है. हिमालय पार कर आने वाले पक्षियों में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर उड़ने वाले पक्षी का बार हेडेड गूज़ को दर्जा प्राप्त है. बार हेडेड गूज़ की पहचान सर पर बार रूपी लकीर का निशान है.

अन्य प्रजातियों का भी सर्दी में होता बसेरा
ब्राह्मणी डक, नॉर्थन शोवलर, नॉर्थन पिनटेल, टफटेड डक, फेरूजीनस पोचार्ड, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, फ्लेमिंगो, डालमेशियन पेलिकन, रोजी पेलीकन, पेरीग्रीन फाल्कन, यूरेशियन हॉबी, स्टेपी ईगल, कॉमन केस्टरल, यूरेशियन ग्रिफन वल्चर, वेरडाइटर फ्लाईकैचर, वार्बलर्स और वेडर्स पक्षियों की प्रजाति भी सर्दी में भारत आती है.
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Source: IOCL






















