राजस्थान के पीपाड़ सिटी में अशोक गहलोत के जन्मदिन पर होना था क्रिकेट मैच, तूफान ने मचाई तबाही
Rajasthan News: जोधपुर जिले के पीपाड़ सिटी में प्रदेश के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के जन्मदिवस पर NSUI द्वारा क्रिकेट मैच का आयोजन होना था, लेकिन मौसम के बदलते रूख ने सभी योजना पर पानी फेर दिया.

- जोधपुर में तेज आंधी-बारिश ने शादी समारोहों को नुकसान पहुंचाया.
- पूर्व सीएम गहलोत के जन्मदिन पर क्रिकेट मैच की तैयारियां ध्वस्त.
- तूफान से लोहे के पिलर गिरे, मैदान का सेटअप बिखरा.
- आंधी-तूफान में कोई जनहानि नहीं, पर दहशत फैली.
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि खेल का मैदान ही ‘तूफान का अखाड़ा’ बन गया. जोधपुर जिले में बुधवार (29 अप्रैल) को तेज आंधी व बारिश के कारण कई जगह चल रहे शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं, जोधपुर जिले के पीपाड़ सिटी में प्रदेश के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के जन्मदिवस पर NSUI द्वारा क्रिकेट मैच का आयोजन होना था, लेकिन मौसम के बदलते रूख ने सभी योजना पर पानी फेर दिया.
इस तुफानी बंवडर का वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कैसे युवाओं द्वारा की गई तैयारियों धूल में समा गई. धूल भरी आंधी के कारण कुछ भी साफ देखा पाना मुश्किल हो रहा था. मैदान में युवा लोहे के पिलर को संभालते दिखे, लेकिन तुफान के आगे उनका जोर फीका पड़ गया. लाइट्स टूटी और बिखरी मिलीं.
जोधपुर जिले के पीपाड़ सिटी में बुधवार को मौसम अचानक बदल गया. जहां लोग भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि खेल का मैदान ही ‘तूफान का अखाड़ा’ बन गया. दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जन्मदिवस पर NSUI द्वारा क्रिकेट मैच का आयोजन होना… pic.twitter.com/z8VY2gO8wZ
— ABP News (@ABPNews) April 29, 2026
पलभर में बदला सबकुछ
अशोक गहलोत के जन्मदिवस पर NSUI द्वारा क्रिकेट मैच का आयोजन होना था. मैदान में तैयारियां जोरों पर थीं. ऊंचे-ऊंचे लोहे के पिलर खड़े कर हैलोजन लाइट्स लगाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन तभी मौसम मिजाज बिगड़ा और देखते ही देखते तेज आंधी बवंडर में बदल गई. तेज हवाओं का ऐसा जोर था कि भारी-भरकम लोहे के पिलर ताश के पत्तों की तरह हिलने लगे और फिर एक-एक कर जमीन पर गिर पड़े. मैदान में मौजूद युवाओं ने बहादुरी दिखाते हुए पिलरों को थामने की कोशिश की. कुछ ने पूरी ताकत लगाकर उन्हें पकड़कर खड़ा रखने की कोशिश भी की, लेकिन तूफान की ताकत के आगे इंसानी कोशिशें कमजोर पड़ गईं.
‘आंखों के सामने बिखर गया पूरा सेटअप’
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, “सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि समझ ही नहीं आया क्या करें. कुछ सेकंड में पूरा मैदान अस्त-व्यस्त हो गया.” इस डरावने मंजर के बीच राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने इलाके में दहशत जरूर फैला दी है. लोग देर तक इस बवंडर की चर्चा करते रहे और कईयों ने इसे “जीवन का सबसे खौफनाक अनुभव” बताया. मौसम का ये अचानक बदला रूप एक चेतावनी भी है कि खुले मैदानों में बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि प्रकृति कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता.
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