राजस्थान में आमने सामने आए सचिन पायलट और गोविंद डोटासरा के खेमे, यूथ कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी तेज
Rajasthan News: यूथ कांग्रेस चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदों पर चुनाव होंगे. यह चुनाव काफी हद तक कांग्रेस के अलग-अलग गुटों का है. इस बार यह कांग्रेस पार्टी के अंदर की लड़ाई का चुनाव लग रहा है.

राजस्थान में यूथ कांग्रेस चुनाव की रणभेरी बज चुकी है और इसको लेकर आज से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. यूथ कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव होने वाले हैं, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदों पर चुनाव होंगे. यह चुनाव काफी हद तक कांग्रेस के अलग अलग गुटों में बंटा हुआ है. इस बार यह चुनाव कांग्रेस नेताओं का पार्टी के अंदर अपने वर्चस्व की लड़ाई का चुनाव बनता हुआ दिख रहा है. हालांकि खुल के कांग्रेस का कोई भी गुट सामने नहीं आया है लेकिन अंदरखाने चुनाव की रणनीति पर काम शुरू हो गया है.
इस चुनाव में पायलट खेमे से दो नामों पर हो रही है चर्चा
यूथ कांग्रेस चुनाव के पिछले कई चुनावों में पायलट गुट का वर्चस्व रहा है. ऐसे में पायलट गुट एक बार फिर इस चुनाव में अपने खेमे के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहेगा. लेकिन इस बार पायलट गुट में भी दो फाड़ नजर आ रही है, जिसमें कुछ विधायक और नेता शामिल है. इस चुनाव में पायलट गुट से प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसे चुनावी मैदान में उतारना है इस पर अब तक आम सहमति नहीं बन पाई है. इसके पीछे वजह राजनीतिक वर्चस्व और आपसी मनमुटाव फिलहाल है.
सचिन पायलट खेमे से दो नामों पर चर्चा हो रही है, जिनमें कांग्रेस सांसद प्रत्याक्षी रहे अनिल चौपड़ा और यूथ कांग्रेस सीकर जिलाध्यक्ष मुकुल खींचड शामिल है.
अंदरखाने इन दोनों नामों को लेकर समीकरण देखे जा रहे हैं जिसको लेकर कल पायलट गुट के कुछ नेताओं ने गुपचुप मीटिंग भी रखी. यूथ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो पायलट खेमा अपनी आंतरिक नाराज़गी का फ़ायदा दूसरे खेमे को नहीं देना चाहता और इसीलिए समझाइश और बातचीत का दौर जारी हैं.
चुनाव में डोटासरा ग्रुप भी सक्रिय, मगर अब तक प्रत्याशी का चयन नहीं
वहीं दूसरी तरफ इस चुनाव में डोटासरा ग्रुप भी सक्रिय हैं, लेकिन यहां भी अब तक प्रत्याशी का चयन नहीं हो पाया है. इसमें से भी तीन लोग चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं, जिसमें कांग्रेस विधानसभा प्रत्याक्षी रहे अभिषेक चौधरी, यूथ कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष रहे यशवीर सूरा और सुधींद्र मुंड शामिल है.
जानकार सूत्रों ने बताया कि यदि पायलट गुट से अनिल चोपड़ा मैदान में उतरते हैं तो अभिषेक चौधरी उनके सामने चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि साल 2014 में राजस्थान विश्वविद्यालय के चुनाव में दोनों आमने-सामने चुनाव लड़ चुके हैं, जिसमें अनिल चौपड़ा चुनाव जीते थे. अब इस चुनाव के माध्यम से अभिषेक चौधरी अपनी पुरानी हार का बदला लेना चाहेंगे.
इस चुनाव के दो मुख्य किरदार अशोक चांदना और मुकेश भाकर दोनों ही अब तक इस चुनाव में खुलकर सामने नहीं आए हैं. वहीं पायलट गुट में मुकेश भाकर और डोटासरा गुट में अशोक चांदना इस चुनाव के रणनीतिकार माने जाते हैं, लेकिन अब देखना होगा इस चुनाव में कौन सा खेमा यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर अधिकारी होता है.
Source: IOCL


























