Udaipur News: उदयपुर के द्वारकाधीश मंदिर में मॉक ड्रिल के दौरान फेल हुआ स्वास्थ्य विभाग! सूचना के 1 घंटे बाद पहुंची टीम
उदयपुर में मॉक ड्रिल के दौरान नाथद्वारा पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना मिली कि द्वारकाधीश मंदिर में भगदड़ मची है और 10 लोगों की मौत हो गई है. जिसके एक घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची.

Rajasthan News: खाटू श्याम मंदिर (Khatu Shyam Temple) और वृंदावन के बांके बिहार मंदिर (Banke Bihar Temple) में कुछ दिन पहले ही मंदिर में भगदड़ मचने से कुल 5 लोगों की मौत हुई थी. दोनों ही मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जा रहा था. काफी संख्या में भक्तों की भीड़ थी. इसी प्रकार से शुक्रवार को नाथद्वार पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना मिली कि द्वारकाधिश मंदिर में भगदड़ मच गई, करीब 10 लोगों के मौत की सूचना है. यह सुनते ही चारों तरफ हड़कंप मच गया. एम्बुलेंस, पुलिस सहित सभी टीमें मंदिर पहुंची.
एक घंटे बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
सूचना के बाद 15 मिनट के अंदर लगभग सभी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पहुंच गए लेकिन सबसे जरूरी चिकित्सा विभाग से करीब एक घंटे बाद टीम पहुंची. सभी जैसे ही वहां पहुंचे तो देखा कि यह तो मॉक ड्रिल हो रही है. फिर सभी को राहत मिली और मॉक ड्रिल का काम हुआ. जो विभाग के अधिकारी देरी से पहुंचे उन्हें अधिकारियों ने फटकार लगाई. एसपी सुधीर चौधरी और कलेक्टर नीलाभ सक्सेना का कहना है कि मॉक ड्रिल भविष्य में अचानक होने वाली घटनाओं से लड़ने के लिए प्रिपेयर होने के लिए की जाती है. ताकि ऐसा कुछ भी कभी हो जाए तो पूरी टीम अलर्ट मोड पर काम करें और लोग सुरक्षित रहे.
यहां-यहां हुई है भगदड़-
- 4 नवंबर 2006 को उड़ीसा के पुरी जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के दौरान भगदड़ मचने से चार लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए थे.
- 3 अगस्त 2008 को हिमालच प्रदेश के नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में 160 श्रद्धालु मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए.
- हिमाचल के देवी मंदिर में हुई इस दर्दनाक घटना के एक महीने बाद ही 30 सितंबर 2008 को नवरात्रि पर्व के दौरान राजस्थान के जोधपुर स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भगदड़ होने से 217 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 4 मार्च 2010 को राम-जानकी मंदिर में कृपालु महाराज की पत्नी की पुण्यतिथि के मौके पर कपड़े और खाना बांटे जाने के दौरान भगदड़ मचने से 63 लोगों की मौत हो गई. 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. उस वक्त वहां करीब 10 हजार लोगों की भीड़ थी.
- 14 जनवरी 2011 को मकर संक्रांति की रात केरल के सबरीमाला मंदिर में मची भगदड़ में 104 से ज्यादा लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए थे.
- 8 नवंबर 2011 को हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भगदड़ में 22 लोगों की मौत हो गई थी.
- 10 फरवरी 2013 को इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर कुंभ मेले में स्नान करने पहुंचे लोगों में भगदड़ से 39 लोगों की मौत हुई थी.
- 13 अक्टूबर 2013 को मध्यप्रदेश के दतिया जिले से 60 किलोमीटर दूर रतनगढ़ स्थित मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन देवी दर्शन के लिए दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं में मची भगदड़ में 115 लोगों की मौत हुई थी.
- 10 अगस्त 2015 को झारखंड में देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भगदड़ से 11 लोगों की मौत हो गई. 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.
- एक जनवरी 2022 को नए साल की सुबह वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno Devi Temple) में हुई भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई.
- 8 अगस्त 2022 को राजस्थान (Rajasthan) में सीकर (Sikar) जिले के खाटूश्याम मंदिर (Khatu Shyam Temple) में भगदड़ मचने से तीन महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई.
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Source: IOCL






















