Rajasthan SI भर्ती परीक्षा रद्द मामले पर CM भजनलाल शर्मा का बड़ा बयान, 'बड़े मगरमच्छ जल्द पकड़े जाएंगे'
Rajasthan SI Exam Case: टोंक में सीएम भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर परोक्ष रूप से निशाना साधा. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बड़े मगरमच्छ जल्द पकड़े जाएंगे.

राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को टोंक में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मामले पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना कहा कि जांच में शामिल 'बड़े मगरमच्छ' जल्द ही पकड़े जाएंगे.
सीएम भजनलाल ने कहा, "जिन लोगों ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे सब कानून के शिकंजे में आएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब बड़े मगरमच्छों की बारी है. सबका नंबर आएगा." उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है.
मुख्यमंत्री का यह बयान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के तंज के बाद आया है. डोटासरा ने हाल ही में पूछा था कि आखिर बड़े मगरमच्छ कब पकड़े जाएंगे? इसी पर पलटवार करते हुए भजनलाल शर्मा ने साफ कर दिया कि सरकार किसी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो.
क्या जांच की आंच सीधे पहुंचेगी पूर्व मुख्यमंत्री तक?
जांच कर रही एजेंसी ने करीब तीन हफ्ते पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) और उसके बेटे को गिरफ्तार किया था. इसके बाद से ही यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच की आंच सीधे पूर्व मुख्यमंत्री तक भी पहुंचेगी.
कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर लगातार हमलावर
हाईकोर्ट के आदेश पर सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द होने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत न तो मीडिया के सामने आए हैं और न ही सोशल मीडिया पर इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है. वहीं, कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. कांग्रेस जहां सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों को उजागर करना जरूरी है.
सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज
सीएम भजनलाल शर्मा का यह बयान अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति को और गर्म कर सकता है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर पिछली सरकार के कार्यकाल के लोगों पर आरोप लग रहे हैं.
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