राजस्थान में गायों के नाम पर 57 करोड़ का घोटाला, मरी हुई गायों के नाम पर भी उठाया सरकारी पैसा
Rajsthan News In Hindi: राजस्थान में गोवंश संरक्षण योजना में 57.36 करोड़ का घोटाला हुआ है. AG रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. 38 गौशालाओं ने मरी हुई गायों के नाम पर अनुदान लिया है.

राजस्थान में गोवंश संरक्षण योजना के तहत 57.36 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है. महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 38 गौशालाओं ने 1.31 लाख से ज्यादा मरी हुई, गायब और रिकॉर्ड में ही नदारद गोवंश दिखाकर सरकारी अनुदान हासिल किया.
AG रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में कई गौशालाओं में वास्तविक संख्या से बहुत ज्यादा गोवंश दिखाकर अतिरिक्त अनुदान लिया गया. भारत पशुधन ऐप और गौशालाओं के दैनिक रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई है.
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मरी हुई गायों पर भी लिया गया अनुदान
रिपोर्ट में कहा गया है कि मरी हुई, इनवैलिड और बिना टैग वाली गायों के नाम पर भी रोजाना 40 रुपये (बड़े गोवंश) और 20 रुपये (छोटे गोवंश) की दर से अनुदान जारी होता रहा. जयपुर की पिंजरापोल, हिंगोनिया गौशाला, डीग और जालौर की गौशालाओं में सबसे ज्यादा अनियमितता पाई गई.
एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा जांच
गोपालन विभाग ने 29 मई 2026 को सभी गौशालाओं को नोटिस जारी कर राशि जमा कराने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक वसूली अधूरी है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है.
राजनीतिक दलों की सधी हुई प्रतिक्रिया
इस घोटाले पर राजनीति तेज हो गई है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों सधे हुए बयान दे रहे हैं. रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 की है, जिसमें दोनों दलों की सरकार रही.
यह घोटाला गोसंरक्षण के नाम पर सरकारी खजाने की लूट को उजागर करता है. सालों से निगरानी व्यवस्था कमजोर रही, जिसका फायदा गौशालाएं उठाती रहीं. रिपोर्ट विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होने वाली है. सदन में पेश होने के बाद यह रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाएगी, लेकिन इस रिपोर्ट की जानकारी होने के बाद ही सरकार एक्टिव हो गई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लिखा पढ़ी भी शुरू हो गई है.
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