राजस्थान में प्राइवेट बसों का चक्का जाम, भारी चालान के विरोध में निजी बस संचालकों की हड़ताल
Bhilwara News: हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा ग्रामीण रूट और दैनिक यात्रियों को हो रही है. वे बसों या दूसरे साधनों के लिए भटकते नजर आए. बस संचालकों ने चेतावनी भी दी है कि हड़ताल अनिश्चितकालीन तक जा सकती है.

राजस्थान प्रदेश में निजी बस संचालकों और परिवहन विभाग के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है. भारी चालान कार्रवाई से नाराज निजी बस संचालकों ने भीलवाड़ा में बसों का चक्का जाम कर दिया. इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई मार्गों पर बस सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा.
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा ग्रामीण रूट और दैनिक यात्रियों को हो रही है. वे बसों या दूसरे साधनों के लिए भटकते नजर आए. बस संचालकों ने चेतावनी भी दी है कि अगर जल्द मांगे पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल अनिश्चितकालीन तक जा सकती है.
ग्रामीण क्षेत्रों में यही बसें प्रमुख साधन
जिला बस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश जाट ने बताया कि यह चक्का जाम राजस्थान स्तर की हड़ताल का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से चलने वाली बसें मुख्य रूप से ऊपर लगे सामान रखने के ढांचे के सहारे ही संचालित होती हैं. सरकार द्वारा इन ढांचों को हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित यात्री नहीं मिलते और बसें मौसमी सवारियों पर निर्भर रहती हैं. ग्रामीण इलाकों से शहरों में रोजमर्रा का सामान लाया जाता है, जो इन्हीं ढांचों पर रखा जाता है.
उन्होंने कहा कि यदि यह सुविधा हटा दी गई, तो बसों की आजीविका ही समाप्त हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इन बसों की ऊंचाई कम होती है और सरकार पहले से ही सीमित वजन तक सामान रखने की अनुमति दे चुकी है. इसके बावजूद बिना किसी स्पष्ट नियम के कार्रवाई की जा रही है. छोटी बसों में पहले से ही पर्याप्त दरवाजे होते हैं, ऐसे में अतिरिक्त आपातकालीन दरवाजे की शर्त व्यवहारिक नहीं है. इसके अलावा पुराने निर्माण वर्ष की बसों पर फिटनेस शुल्क में अत्यधिक वृद्धि कर दी गई है, जिससे संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
कैलाश जाट ने यह भी कहा कि फिलहाल यह एक दिन की हड़ताल है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू के नेतृत्व में सभी जिले शामिल हैं. यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी.
आरटीओ पर गंभीर आरोप
बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश चंद्र ओझा का आरोप है कि नए नियमों का आरटीओ स्तर पर गलत इस्तेमाल हो रहा है, जिससे बस संचालन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने RSRTC के एमडी को परिवहन कमिश्नर नियुक्त कर बड़ी गलती की है. ओझा का कहना है कि स्टेज कैरिज बसों पर लगे जंगले और सीढ़ी हटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार 45 किलो तक हल्का भार-वाहन यात्री ले जा सकता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 40 से 45 हजार तक के भारी चालान लगाए जा रहे हैं और अधिकारियों पर भी दबाव डाला जा रहा है. फिलहाल हड़ताल एक दिन की है, लेकिन वार्ता नहीं हुई तो यह अनिश्चितकालीन भी हो सकती है.























