अलवर: शिक्षा के नाम पर गरीब बच्चों का करवाया जा रहा था धर्मांतरण, बड़े गिरोह का पर्दाफाश
Alwar News: अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि हॉस्टल में पाया गया कि बच्चों को ईसाई धर्म की शिक्षा दी जा रही थी और उनके मूल धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें सिखाई जा रही थीं.

राजस्थान के अलवर में पुलिस ने उद्योग नगर में एक बड़े अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस को सूचना मिली थी कि सैय्यद कॉलोनी, गोलेटा में स्थित 'फ्रेंड्स मिशनरी प्रेयर बैंड' नाम के एक हॉस्टल में गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के नाम पर अवैध रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है.
अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. हॉस्टल में पाया गया कि बच्चों को ईसाई धर्म की शिक्षा दी जा रही थी और उनके मूल धर्म (हिंदू और सिख) के खिलाफ अपमानजनक बातें सिखाई जा रही थीं. पुलिस ने हॉस्टल के रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य जब्त किए और बच्चों से सादा वस्त्रों में गोपनीय तरीके से पूछताछ कर वीडियो रिकॉर्डिंग भी की.
इन 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने धर्मांतरण में शामिल दो मुख्य आरोपियों बोधर अमृत पुत्र बच्चू भाई गरासिया (44) निवासी चिटकोड़ा हिम्मतनगर गुजरात और सोहन सिंह पुत्र प्रेम सिंह रायसिख (34) निवासी बांधोली थाना रामगढ़ जिला अलवर को गिरफ्तार किया. ये आरोपी गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा और आवास का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे थे.
चेन्नई की ये संस्था करती है प्रबंधन
इस संस्था का प्रबंधन चेन्नई की एक संस्था एफ.एम.पी.बी. द्वारा किया जाता है. इसी संस्था से जुड़े अन्य 14 लोग, जिनमें गुजरात निवासी सैल्वम, बांधौली निवासी मलकीत सिंह, गोबिंदगढ़ निवासी सतीश और बोधर अमृत के साथ 14 अन्य आरोपी पहले ही अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार होकर जमानत पर हैं.
जनता से की गई ये अपील
अलवर पुलिस ने इस कार्रवाई में किसी भी केंद्रीय एजेंसी के शामिल होने की खबरों का खंडन किया है. साथ ही पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर उनके पास अवैध धर्मांतरण से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वे 8764502201 (व्हाट्सएप) पर शेयर करें, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
यह कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक कमलेश शरण गोपीनाथ आईपीएस व सीओ रामगढ़ सुनील प्रसाद शर्मा के सुपरविजन और एसएचओ उद्योग नगर अजीत सिंह बड़सरा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई.





















