राजस्थान: भर्ती परीक्षा में OMR शीट से छेड़छाड़ का खुलासा, 5 गिरफ्तार, डोटासरा पर बरसे मदन दिलावर
Rajasthan News: एसओजी ने राजस्थान में 2018 की तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं में हुए OMR शीट फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 38 अभ्यर्थियों को अवैध रूप से सरकारी नौकरी दिलाई गई थी.

राजस्थान में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसओजी (SOG) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. वर्ष 2018 में आयोजित तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर (OMR) शीट में हेराफेरी कर अवैध रूप से नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व शिक्षा मंत्री और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोला है.
एसओजी की जांच में सामने आया है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 2018 में आयोजित परीक्षाओं, जिनमें करीब 9 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, उनमें बड़े स्तर पर धांधली हुई. सिस्टम एनालिस्ट और प्रोग्रामर की मिलीभगत से ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाकर 38 अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी दिलाई गई. एसओजी ने इस मामले में तत्कालीन सिस्टम एनालिस्ट और प्रोग्रामर सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 60 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं.
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का डोटासरा पर 'जेल' वाला प्रहार
कार्रवाई के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक वीडियो जारी कर गोविंद सिंह डोटासरा को सीधे निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, "डोटासरा जी, अब आपके दिन पूरे हो गए हैं. 2018 की भर्ती में जो गड़बड़ हुई और जिसका रिजल्ट आपने 2020-21 में जारी किया, उसकी सारी पोल अब खुल रही है. आपके गुर्गे पकड़े जा चुके हैं और अब आप भी जेल के सलाखों के पीछे होंगे." दिलावर ने आगे तंज कसते हुए कहा कि डोटासरा चुनाव की चिंता न करें, क्योंकि वे चुनाव का परिणाम जेल के अंदर ही सुनेंगे.
'किसी भी एजेंसी से करा लें जांच'
दूसरी ओर, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. वे पूर्व में भी कई बार खुले मंच से सरकार को चुनौती दे चुके हैं कि वे किसी भी एजेंसी (SIT/CBI) से जांच करा लें, 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा. डोटासरा का कहना है कि अब सरकार भाजपा की है, तो वे केवल बयानबाजी करने के बजाय असली दोषियों को क्यों नहीं पकड़ते?
सियासी सरगर्मी तेज
एसओजी की इस कार्रवाई ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुई भर्तियों को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है. जहाँ भाजपा इसे 'कांग्रेस का भ्रष्टाचार' बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दे रही है. फिलहाल एसओजी पकड़े गए तकनीकी अधिकारियों से पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है.
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Source: IOCL

























