राजस्थान में मानसून से पहले SDRF अलर्ट, 35 जिलों में 70 टीमें तैनात; आधुनिक उपकरणों से है लैस
Rajasthan News In Hindi: बारिश, बाढ़ और जलभराव जैसी संभावित आपदाओं से लोगों की सुरक्षा के लिए प्रदेश के 35 जिलों में 70 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है. बचाव दल को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया.

राजस्थान में मानसून की दस्तक से पहले राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी SDRF पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव जैसी संभावित आपदाओं से लोगों की सुरक्षा के लिए प्रदेश के 35 जिलों में 70 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है. जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने इन टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
एसडीआरएफ के मुताबिक सभी रेस्क्यू टीमों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है. इनमें मोटरबोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, डीप डाइविंग किट, खोज एवं बचाव उपकरण और आधुनिक संचार साधन शामिल हैं. जरूरत पड़ने पर ये टीमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य करेंगी.
'आपात स्थिति में लोगों की जान बचाना प्राथमिकता'
कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि मानसून के दौरान नदियों और बांधों से पानी छोड़े जाने या भारी बारिश के कारण बनने वाली आपात स्थिति में लोगों की जान बचाना एसडीआरएफ की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सभी टीमों को पहले से तैयार कर संवेदनशील जिलों में भेजा गया है. पिछले साल भी मानसून के दौरान एसडीआरएफ ने शानदार काम किया था. 21 जून से 11 अक्टूबर 2025 के बीच टीमों ने 333 रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 1,237 लोगों की जान बचाई थी. इस बार भी सभी जवानों को तय मानकों के अनुसार सुरक्षित और तेज़ रेस्क्यू ऑपरेशन करने के निर्देश दिए गए हैं.
कहां-कितनी SDRF टीमें की गईं तैनात
टीमों की तैनाती की बात करें तो सबसे ज्यादा 8 रेस्क्यू टीमें जयपुर कमिश्नरेट में भेजी गई हैं. इसके बाद भरतपुर में 7 और कोटा में 6 टीमें तैनात की गई हैं. वहीं उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर में तीन-तीन टीमें तैनात रहेंगी. इसके अलावा जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में दो-दो टीमें और बाकी संवेदनशील जिलों में एक-एक टीम को तैनात किया गया है. मानसून के पूरे सीजन के दौरान ये सभी टीमें 24 घंटे अलर्ट रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
























