Rajasthan Corona Vaccination: 31 जनवरी तक राजस्थान में सभी टार्गेटेड बच्चों लग जाएगी वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री ने की ये अपील
Vaccination: राजस्थान में लोगों के वैक्सीनेशन अभियान को तेजी देने के साथ ही बच्चों के वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने का भरपूर प्रयास राज्य सरकार कर रही है.

Corona Vaccination: राजस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण का कहर लगातार जारी है. कोरोना वायरस के नए वेरिएंट डेल्टा यानि ओमीक्रोन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बच्चों और प्रदेश के सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीनेशन लगे उसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है. प्रदेश में 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को जल्द टीका लगे इसके लिए राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने अभियान को तेज करने के साथ टाइम लिमिट भी बता दी है. जिसमें 31 जनवरी तक 15 से 18 वर्ष की आयु के करीब 53 लाख बच्चों को कोविड-19 की वैक्सीन लगा दी जाएगी.
31 जनवरी तक लक्ष्य
राजस्थान में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है. एक दिन में 15 से 18 वर्ष की आयु के तीन लाख से अधिक बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाना है. राजस्थान में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 90 फीसदी से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज व लगभग 80 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है. 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन 31 जनवरी तक राज्य में पूरा करने का फैसला किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
राजस्थान के 33 जिलों में 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को वैक्सीनेशन लगाने का अभियान टाइम लिमिट के साथ गहलोत सरकार ने शुरू किया है. 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को तीन जनवरी से वैक्सीन लगाया जा रहा है. प्रदेश में 3456 सरकारी चिकित्सा संस्थानों में वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है. राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को 31 जनवरी से पहले वैक्सीन लगवाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए वैक्सीन ही कारगर साबित हुई हैं. इसको लगा कर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है.
लग रही है को-वैक्सीन
प्रदेश में 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को भारत बायोटेक की बनी को-वैक्सीन लगाई जा रही है. बच्चों वैक्सीन सेंटर पर अपनी फोटो लगी स्कूल आईडी, पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड या पैन कार्ड देना होगा. उसको दिखाने पर वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी. बच्चों के लिए भारत बायोटेक की बनी को-वैक्सीन सुरक्षित है. बच्चों के लिए वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन के वक्त मोबाइल नंबर नहीं है तो वह अपने परिजनों के मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.
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