Rajasthan: बीजेपी और कांग्रेस ऐसे करती हैं राष्ट्रीय स्तर से बूथ लेवल तक का काम, जानें- वोटर्स को लुभाने की रणनीति
Rajasthan Politics: देश के हर 6 वोटर पर BJP का एक कार्यकर्ता है. कांग्रेस में 29 प्रकोष्ठ और 4 अलग-अलग सहायक विंग पार्टी को मजबूत बनाने का काम करते हैं.

How Do BJP and Congress Lure Voters: देश की दो प्रमुख पार्टियां-बीजेपी और कांग्रेस वोटर्स को लुभाने के लिए कई कवायद करती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं दोनों पार्टियां किस तरह हर घर तक पहुंच बनाती हैं. इनके काम करने की श्रृंखला क्या है, जिसके बलबूते दोनों पार्टियां परचम लहरा पाती हैं. दोनों के काम करने का तरीका जरूर अलग है लेकिन मकसद वोटर तक पहुंचना और पार्टी की तरफ लाना है. एबीपी न्यूज ने दोनों पार्टियों के विभिन्न पदाधिकारियों से बात की और काम करने के तरीके को जाना.
बीजेपी इस तरह से करती है काम
एक जिले को दो हिस्सों में बांटा जाता है. दोनों हिस्से बीजेपी शहर और बीजेपी देहात कहलाते हैं. शहर और देहात के अलग-अलग जिलाध्यक्ष और अलग-अलग 18-18 की कार्यकारिणी होती है.
-जिला लेवल के नीचे होता है मंडल स्तर. उदयपुर शहर जिले में 12 मंडल बनाए हैं गए. ऐसे देशभर के अलग-अलग शहरों में मंडल स्तर है.
- मंडल स्तर पर भी अध्यक्ष सहित 18 लोगों की कार्यकारिणी होती है.
- मंडल के नीचे आता है वार्ड जिसे बीजेपी ने शक्ति केंद्र नाम दे रखा है. इसमें भी अध्यक्ष और अध्यक्ष के साथ कार्यकारिणी काम करती है.
- वार्ड यानी शक्ति केंद्र के नीचे होता है पन्ना प्रमुख, जिसके साथ 10 लोगों की कार्यकारिणी काम करती है.
- चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में प्रत्येक पेज पर 60 वोटर होते हैं. इसी पेज का एक पन्ना प्रमुख होता है. 60 वोटर के लिए 10 की कार्यकारिणी काम करती है. यानी देश के प्रत्येक 6 वोटर पर बीजेपी का एक कार्यकर्ता लगा हुआ है.
- श्रृंखला के अलावा एक शहर जिले में 7 प्रकोष्ठ होते हैं, जिसमें युवा, महिला, अल्पसंख्यक, ओबीसी, एसटी, एससी और किसान मोर्चा हैं. इन प्रकोष्ठ में भी वार्ड तक श्रृंखला है.
- साथ ही शहर जिले में 32 प्रकोष्ठ बने हुए हैं जिसमें पेंशनर, सहकारिता, मीडिया सहित अन्य है.
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कांग्रेस इस तरह से करती है काम
- कांग्रेस में भी शहर और देहात अलग-अलग जिले होते हैं, जिसमें 29 सदस्यों की कार्यकारिणी होती है.
- जिला स्तर के नीचे हर विधानसभा क्षेत्र में दो ब्लॉक गठित होते हैं, जिन्हें ब्लॉक ए और ब्लॉक बी नाम दिया हुआ है.
- एक ब्लॉक में 21 सदस्यों की कार्यकारिणी होती है. साथ ही पत्येक ब्लॉक से एक सदस्य को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भेजा जाता है.
- ब्लॉक के नीचे प्रत्येक वार्ड का एक प्रभारी नियुक्त किया जाता है.
- ब्लॉक प्रभारी के नीचे होता है प्रत्येक बूथ का प्रभारी
- यहीं नहीं चार अलग-अलग सहायक विंग भी है जो सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसमें यूथ कांग्रेस, सेवादल, महिला और एनएसयूआई है.
- बड़ी बात यह कि इन चारों सहयोगी दल से नीचे भी जिला स्तर जैसी श्रृंखला होती है.
- कांग्रेस पार्टी में जिला स्तर पर 29 प्रकोष्ठ होते हैं, जिसमें कार्यकारिणी के अलावा मीडिया, एसटी एससी, ओबीसी, व्यापारी सहित अन्य हैं.



















