राजस्थान विधानसभा में अमेरिकी टैरिफ पर रार, BJP ने बताया उपलब्धि, कांग्रेस ने कहा- 'सरेंडर'
Rajasthan News: अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ दावों पर राजस्थान विधानसभा में तीखी बहस हुई. BJP ने इसे भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक जीत बताया,जबकि कांग्रेस ने मोदी सरकार पर 'आत्मसमर्पण' का आरोप लगाया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ (आयात शुल्क) कम करने के दावों की गूंज अब राजस्थान विधानसभा तक पहुंच गई है. सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली. जहां भारतीय जनता पार्टी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया, वहीं कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार का 'आत्मसमर्पण' करार दिया.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन के बाहर और भीतर सरकार को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान ने हकीकत बयां कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की धमकियों के आगे घुटने टेक दिए हैं और टैरिफ कम करके देश का स्वाभिमान गिराया है.
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने मांग की कि केंद्र सरकार को इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का हक है कि आखिर किन शर्तों पर टैरिफ कम किए गए हैं और इसके पीछे की असली तस्वीर क्या है.
बीजेपी का पलटवार: 'दुनिया में बढ़ा भारत का मान'
दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी की कुशल विदेश नीति का परिणाम बताया. अजमेर से बीजेपी विधायक अनिता भदेल ने सदन में कहा कि टैरिफ कम होने से न केवल भारत का मान पूरी दुनिया में बढ़ा है, बल्कि इसका सीधा फायदा राजस्थान के निर्यातकों और व्यापारिक जगत को भी मिलेगा. उन्होंने इसे 'विकसित भारत' की ओर बढ़ता एक सशक्त कदम बताया.
नेताओं की अहम प्रतिक्रियाएं
नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "ट्रंप के दावों से साफ है कि पीएम मोदी ने उनके सामने सरेंडर किया है. यह कूटनीतिक जीत नहीं, बल्कि देश के हितों से समझौता है." वहीं कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, "तस्वीर साफ होनी चाहिए. क्या सरकार ने दबाव में आकर यह फैसला लिया? इस पर चुप्पी साधना संदेहास्पद है."
बीजेपी विधायक अनिता भदेल ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया को दिशा दे रहा है. टैरिफ कम होना देश की बड़ी उपलब्धि है, जिससे राजस्थान के व्यापार को भी पंख लगेंगे." विधानसभा में हुए इस हंगामे ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह अंतरराष्ट्रीय मुद्दा राजस्थान की राजनीति में और गरमाएगा.
Source: IOCL























