Rajasthan Election 2023: 'पीने का पानी नहीं तो वोट नहीं' पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार
Bharatpur Voting Poll Boycott: भरतपुर के बरसो गावं के लोगों ने पानी सहित दूसरी समस्याओं के निदान के लिए जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने नेताओं और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.

Rajasthan Election 2023 News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है. प्रदेश की सभी 200 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होना है. जिला निर्वाचन आयोग द्वारा स्वीप के तहत मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस सहित सभी दलों के भाग आजमा रहे प्रत्याशी लगातार गांव-गांव और गली-गली जाकर जनसंपर्क में लगे हुए हैं. भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के बरसो गांव के लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है.
बरसो गांव की महिलाएं और अन्य लोग जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें पीने का पानी नहीं मिलेगा, तब तक उनके गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे. सभी ग्रामीण 25 नवंबर को होने वाले मतदान में भाग नहीं लेंगे. ग्रामीणों के मुताबिक, चुनावों के समय नेता वोट मांगने आ जाते हैं और चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं. बरसो गांव के रहने वाले धर्मेश ने बताया कि कलेक्ट्रेट पर महिलाएं और पुरुष विरोध दर्ज कराने के लिए आये हुए हैं.
'पानी नहीं तो वोट नहीं'
धर्मेश के मुताबिक, सभी ग्रामीण आने वाली 25 तारीख को चुनावों का बहिष्कार कर रहे हैं. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि हमारे गांव में जो मूलभूत सुविधा होनी चाहिए. उसमें से एक भी मूलभूत सुविधा नहीं है. सबसे जटिल पानी की समस्या है. नहाने की बहुत दूर की बात है. यहां पीने के लिए पानी ही नहीं है. बकौल धर्मेश गांव में चंबल की लाइन डली हुई है, उसमें भी पानी नहीं आ रहा. अपनी इन्हीं समस्याओं को लेकर बरसो गांव के लोग भरतपुर जिला कलेक्ट्रेट के कार्यालय में पहुंचे हैं और विरोधस्वरुप चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. गांव वालों के मुताबिक, जब तक पानी नहीं मिलेगा तब तक वोट नहीं देंगे.
'सरपंच ने पानी कनेक्शन के नाम वसूले पैसे'
विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का आरोप है कि कई सालों से गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है. महिलाएं दूर दराज के इलाकों से पानी लेकर आती हैं. इसके अलावा 800 रुपये में पानी का टैंकर मंगाया जाता है, तब जाकर कहीं पीने का पानी नसीब होता है. गांव के सरपंच ने हर व्यक्ति से पानी कनेक्शन के नाम पर 1500 रुपये वसूल लिए मगर अभी तक पानी नहीं मिला. इलेक्शन से पहले ग्रामीणों द्वारा पानी के लिए वोट का बहिष्कार, चुनावी मौसम में राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के लिए शुभ संकेत नहीं है.
जिला मुख्यालय से 7 किमी दूर है ये गांव
बरसो गांव भरतपुर जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह गांव जयपुर आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित है, मगर वहां पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या बनी हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक, पानी का टैंकर मंगाकर पानी पीना पड़ता है, मगर इससे सारी जरुरते पूरी नहीं होती हैं. पानी के कनेक्शन के नाम पर सरपंच ने भी पैसे वसूल लिए मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है. यही वजह है कि हम लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है, पानी नहीं तो चुनाव में वोट नहीं.
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Source: IOCL
























