राजस्थान : अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस, BJP और निर्दलीय में कड़ा मुकाबला, प्रचार में जुटे बड़े नेता
Jaipur News: यह प्रचार का अंतिम समय है, क्योंकि 11 नवंबर को मतदान होना है. इसीलिए अब इन नेताओं ने अपनी पूरी ताक़त प्रचार प्रसार में झोंक रखी हैं.यहां त्रिकोणीय मुकाबला दिह रहा है.

राजस्थान के अंता विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस व भाजपा के बड़े नेताओं ने ताल ठोक दी है. शनिवार को कई बड़े नेता प्रचार करने अंता पहुंच रहे हैं. जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज फिर प्रचार प्रसार करते दिखाई देंगे, तो वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पहले से वहां मौजूद हैं.
दूसरी तरफ़ भाजपा के कई दिग्गज 2 दिन पहले रोड शो करने के बाद, आज फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी अंता जाने का कार्यक्रम बन रहा है. ये सभी नेता गांव-गांव जाकर अपने प्रत्याशी का प्रचार प्रसार करेंगे. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के प्रचार के लिए हनुमान बेनीवाल हेलीकॉप्टर लेके पहुंच रहे हैं. हालांकि यह प्रचार का अंतिम समय है, क्योंकि 11 नवंबर को मतदान होना है. इसीलिए अब इन नेताओं ने अपनी पूरी ताक़त प्रचार प्रसार में झोंक रखी हैं.
त्रिकोणीय संघर्ष के समीकरण
इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष होता हुआ दिखाई दे रहा है. कांग्रेस और BJP के अलावा यहां पर निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी मैदान में है. ऐसे में प्रचार के अंतिम समय में नरेश मीणा हनुमान बेनीवाल के सहारे अपनी चुनावी नैया पार करना चाहते हैं. हालांकि इस सीट पर जाट मतदाताओं की संख्या उतनी ज़्यादा नहीं है और इस इलाक़े में हनुमान बेनिवाल का ज़्यादा प्रभाव भी नहीं है, लेकिन फिर भी लोग हनुमान बेनीवाल को सुन ने आज यहां पहुंचेंगे, तो वहीं हनुमान बेनीवाल भी मंच से कई नेताओं पर निशाना साध सकते हैं.
पिछले दिनों नरेश मीणा ने हनुमान बेनीवाल के लिए एक बयान दिया था. जिसमें उन्होंने कहा कि हनुमान बेनीवाल मर्द है तो मेरे प्रचार प्रसार में आएँगे. अब हनुमान बेनीवाल उनके चुनावी प्रचार में जा रहे हैं. नरेश मीणा का यह बयान काफ़ी चर्चा में रहा था.
कांग्रेस की नजदीकी हार हुई थी
अंता सीट पर कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया चुनावी मैदान में है. भाया पिछला चुनाव काफ़ी कम अंतर से हारे थे, लेकिन इस बार इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष है, भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय भी मैदान में है. फिलहाल चुनावी माहौल काफ़ी रोचक बना हुआ है. 11 नवंबर को मतदान के बाद 14 नवंबर को चुनावी नतीजे सामने आएंगे. देखना होगा इस बार यह जीत सत्ता पक्ष के खाते में जाती है या फिर विपक्ष या निर्दलीय प्रत्याशी विधानसभा पहुंचता है.
Source: IOCL
























