Rajasthan: सिरोही में 5 माह की गर्भवती रेप पीड़िता ने खाया जहर, परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार
Sirohi News: पिंडवाड़ा में 5 माह की रेप पीड़िता ने जहर खा लिया और उदयपुर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया.

राजस्थान के सिरोही से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. पिंडवाड़ा तहसील क्षेत्र में गैंगरेप पीड़िता ने जहर खा लिया जिसके बाद उदयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिंडवाड़ा तहसील के एक थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती के साथ 3 युवकों द्वारा रेप किया गया था. बताया जा रहा है कि घटना के बाद युवती मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में थी. पुलिस के अनुसार मृतका 5 माह की गर्भवती थी, जिससे उसकी स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी.
पीड़िता ने 2 दिन पहले खाया था जहर
परिजनों ने बताया कि 2 दिन पूर्व युवती ने जहर खा लिया था. तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया. सिरोही में भी उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसे उदयपुर के उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया.
उदयपुर में उपचार के दौरान गुरुवार को युवती ने दम तोड़ दिया. सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस उदयपुर अस्पताल पहुंची और नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई करवाई. इधर, परिजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर शव को स्वरूपगंज सरकारी अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है. प्रशासन परिजनों से समझाइश का प्रयास कर रहा है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न करवाई जा सके.
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेप के मामले में पूर्व में ही आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा चुका है और उनकी तलाश जारी है. साथ ही आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया है. पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच उच्चाधिकारियों की निगरानी में की जा रही है.
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. वहीं, सामाजिक संगठनों ने पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग उठाई है.
Source: IOCL



























