डिप्टी CM के नाम पर फर्जी कॉल, नर्सिंग ऑफिसर को किया सस्पेंड
Rajasthan News In Hindi: राजस्थान के डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा के नाम का दुरुपयोग करने वाले नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक को निलंबित किया गया है. निलंबन के बाद मुख्यालय जैसलमेर अटैच्ड है.

राजस्थान के डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा के नाम का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर दबाव बनाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में तैनात नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. विभाग ने निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जैसलमेर कर अटैच्ड कर दिया है.
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक राकेश कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पुष्पेंद्र पारीक पर संवैधानिक पद के नाम का दुरुपयोग करने, विभाग से महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने और विभागीय जांच को प्रभावित करने की आशंका के आधार पर यह कार्रवाई की गई है.
20 जून 2026 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद हुआ था मामला दर्ज
विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, पुष्पेंद्र पारीक ने 20 जून 2026 को जेएलएन अस्पताल, अजमेर में कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन अगले ही दिन बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित हो गया. इस बीच उसके खिलाफ अजमेर के कोतवाली थाने में डिप्टी सीएम बैरवा के नाम का गलत इस्तेमाल करने का मामला दर्ज हो गया. इसके बावजूद 18 जुलाई को दोबारा ड्यूटी जॉइन करते समय उन्होंने विभाग को अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर की जानकारी नहीं दी. विभाग ने इसे गंभीर तथ्य छिपाना माना और निलंबन का फैसला लिया.
पूरा मामला तब सामने आया जब 25 जून को उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के ओएसडी भगवत सिंह राठौड़ ने प्रमुख शासन सचिव और पुलिस को शिकायत भेजी. आरोप था कि पुष्पेंद्र पारीक ने अपने मोबाइल की कॉलर आईडी इस तरह सेट कर रखी थी कि कॉल रिसीव करने वाले को नाम उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का दिखाई देता था.
जयपुर: करणी सेना के प्रदर्शन में घायल युवक की मौत, मुआवजे की मांग
आरोपी ने खुद को उपमुख्यमंत्री बताकर तबादले के संबंध में दिए निर्देश
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को उपमुख्यमंत्री बताकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन किया और अपने तबादले के संबंध में निर्देश दिए. इसके बाद उसने जेएलएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी फोन कर अपने लिए मनचाहा कार्य आवंटित कराने का काम किया.
मामले के सामने आने के बाद विभाग ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़ा गंभीर प्रकरण मानते हुए आरोपी नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित कर दिया है. वहीं, पुलिस पहले से दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
राजस्थान यूनिवर्सिटी में कंगना रनौत का पुतला दहन, नए विवाद की आशंका























