NEET UG रिजल्ट के कुछ घंटे बाद छात्र ने की खुदकुशी! सीकर में फंदे से लटका मिला शव; जांच शुरू
Sikar NEET Student Suicide: सीकर में नीट रिजल्ट के कुछ घंटों बाद ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

राजस्थान के शिक्षा हब सीकर से रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई. मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे 17 वर्षीय छात्र निखिल, जो जयपुर ग्रामीण का रहने वाला था, ने हॉस्टल के अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. ऐसे में खुदकुशी की वजह साफ नहीं है.
घटना का पता उस समय चला जब सुबह हॉस्टल कर्मचारी उसे जगाने के लिए कमरे पर पहुंचे. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. संदेह होने पर कर्मचारियों ने खिड़की से अंदर देखा तो निखिल फंदे से लटका हुआ मिला. सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. दरवाजा खुलवाकर शव को नीचे उतारा गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया गया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
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नीट की तैयारी कर रहा था छात्र
सीउद्योग नगर थाना अधिकारी राजेश बुडानिया ने बताया कि निखिल पिछले करीब दो साल से सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. उसने इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ NEET परीक्षा भी दी थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह हॉस्टल के कमरे में अकेला रहता था. पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ. छात्र के पास मोबाइल फोन भी नहीं मिला. फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि उसने यह कदम किन कारणों से उठाया.
परिजनों ने नहीं दर्ज कराई शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि NEET परीक्षा में उसके प्राप्तांक की भी जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस के अनुसार, परिजनों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. फिलहाल मर्ग दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. पुलिस छात्र के पारिवारिक, शैक्षणिक और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
तीन महीनें तीन छात्रों ने की खुदकुशी
गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में सीकर में NEET की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं. मई में प्रदीप मेघवाल और जून में उमेश माली ने भी आत्महत्या की थी. अब जुलाई में निखिल की मौत ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मानसिक दबाव और तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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