Rajasthan News: राजस्थान के 13 संवेदनशील जिलों पर फोकस, साढ़े 12 हजार युवाओं को 'आपदा मित्र' बनाने की तैयारी
Rajasthan News In Hindi: सरकार द्वारा साढ़े 12 हजार युवाओं को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है. इन युवाओं को सरकार 'आपदा मित्र' बना रही है. युवाओं को सेना और सरकार के मददगार के तौर पर तैयार किया जा रहा.

राजस्थान के 13 संवेदनशीलों पर फोकस करते हुए सरकार द्वारा साढ़े 12 हजार युवाओं को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है. इन युवाओं को सरकार 'आपदा मित्र' बनाने जा रही है. पश्चिमी भारत का राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है, जो न सिर्फ पाकिस्तान के बॉर्डर से सटा हुआ है, बल्कि खास भौगोलिक स्थिति की वजह से यहां के लोगों को अक्सर ही प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ता है.
ऐसे में सरकार यहां के युवाओं को खास ट्रेनिंग देकर इन्हें युवा आपदा मित्र के तौर पर तैयार कर रही है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA राजस्थान के साढ़े बारह हजार से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें सेना और सरकार के मददगार के तौर पर तैयार कर रही है.
उन्हें इस तरह से तैयार किया जा रहा है, ताकि वह युद्ध या किसी दूसरी तरह की आपदा होने पर सेना व पुलिस के मददगार के तौर पर काम कर सके और लोगों के जान माल की हिफाजत कर सकने में अपना अहम योगदान दे सके.
बेहद खास है युवाओं को 'आपदा मित्र' बनाने की मुहिम
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA इस तरह के ट्रेनिंग के कार्यक्रम कई अन्य राज्यों में भी आयोजित कर रही है, लेकिन राजस्थान के भौगोलिक और अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से यहां के युवाओं को आपदा मित्र बनाने की मुहिम बेहद खास है. इसमें ज्यादातर NCC के जवानों को रखा गया है, क्योंकि वह पहले से ही तकरीबन इन हालातो को लेकर ट्रेनिंग लेते रहते हैं और फिजिकली फिट होने के साथ ही न सिर्फ अनुशासित रहते हैं बल्कि हर तरह के हालात में काम करने को मानसिक तौर पर तैयार भी रहते हैं.
इसी वजह से ट्रेनिंग का यह कार्यक्रम जयपुर में एनसीसी के हेड क्वार्टर पर भी आयोजित किया जा रहा है. साढ़े बारह हजार युवा आपदा मित्रों को सेना-पुलिस, प्रशासन और NCC के अधिकारी अलग-अलग सेशन में अलग-अलग टॉपिक पर ट्रेनिंग दे रहे हैं. उन्हें खासतौर पर इस हालात के लिए तैयार किया जा रहा है, जहां आमतौर पर सेना के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भेजा जाता है.
युवाओं को क्यों बनाया जा रहा है 'आपदा मित्र'?
इन युवाओं को ट्रेनिंग देकर इन्हें आपदा मित्र के तौर पर इस वजह से तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी तरह के विपरीत हालात में स्थानीय होने की वजह से यह लोग आपदा प्रबंधन की स्पेशल टीमों के पहुंचने से पहले ही राहत व बचाव के काम शुरू कर सके और लोगों के लिए मददगार बन सके.
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इन युवाओं को एक तरफ लेक्चर के जरिए यह बताया जा रहा है कि उन्हें किस तरह से काम करना है और किस तरह के हालातो का सामना करना पड़ सकता है तो वहीं दूसरी तरफ मॉक ड्रिल के जरिए इन्हें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जा रही है. राजधानी जयपुर में ट्रेनिंग का फिलहाल एक पार्ट है. इन्हें राज्य के दूसरे हिस्सों में भी ट्रेनिंग दिए जाने का कार्यक्रम है.
ट्रेनिंग के चौथे दिन आज आपदा मित्रों को एक बिल्डिंग में आग लगने की माक ड्रिल के जरिए यह बताया गया कि आपदा में किस तरह से शांत होकर काम किया है. युवा आपदा मित्रों की ट्रेनिंग के कार्यक्रम में उन तेरह जिलों को फोकस किया गया है, जो या तो पाकिस्तान बार्डर से सटे हुए हैं या फिर प्राकृतिक आपदा के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं.
राजस्थान के एडीजी और आईजी ने दी यह जानकारी
राजस्थान पुलिस के एडीजी रुपिंदर सिंह और आईजी परम ज्योति के मुताबिक यह युवा आपदा मित्र आने वाले दिनों में उनके बड़े मददगार साबित हो सकते हैं. यह समय की जरूरत हैं और भविष्य की मांग है.
राजस्थान में NCC के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संपत कुमार आनंद के मुताबिक इन आपदा मित्रों के साथ ही देश के सभी नागरिकों को बेसिक ट्रेनिंग मिलनी चाहिए, ताकि वह किसी तरह की आपदा आने पर वह खुद को सुरक्षित रख सके और दूसरों की भी मदद कर सकें. युवा आपदा मित्र के तौर पर ट्रेनिंग ले रहे एनसीसी कैडेट्स भी इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं. उनका कहना है कि वह आपदा मित्र के तौर पर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं.
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