Jaipur News: गैस संकट से जयपुर के टिफिन सेंटर्स प्रभावित, स्टूडेंट्स को नहीं मिल रहा भरपेट खाना
Jaipur News in Hindi: जयपुर में गैस सप्लाई प्रभावित होने से टिफिन सेंटर्स बंद होने की कगार पर है. संचालकों को इंडक्शन पर खाना बनाना पड़ रहा है. सेंटर संचालकों को काफी परेशानियां हो रही है.

इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत में रसोई गैस का जो संकट पैदा हुआ है. उसका असर न सिर्फ लोगों के रोजगार और कारोबार पर पड़ रहा है, बल्कि खाने की थाली और उसका स्वाद भी प्रभावित हो रहा है. पिंक सिटी जयपुर में बाहर से आकर नौकरी और पढ़ाई करने वाले तकरीबन डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जो मेस, टिफिन सेंटर्स और रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं. जयपुर के शहरी इलाके में तकरीबन दो हजार टिफिन सेंटर्स चलते हैं.
पिछले करीब तीन हफ्ते से कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की सप्लाई पर जो असर पड़ा है, उसकी वजह से कुछ टिफिन सेंटर्स बंद हो चुके हैं और बाकी में मेन्यू में कटौती कर दी गई है. जयपुर की लाल कोठी इलाके में संचालित होने वाले सरोज टिफिन सेंटर में पहले थाली में चार रोटी, दाल, दो सब्जी, चावल, अचार और सलाद परोसा जाता था. सिलेंडर नहीं मिलने के बाद अब खाना इंडक्शन पर बनाया जा रहा है. टिफिन में अब सिर्फ रोटी के साथ कभी दाल तो कभी एक ही सब्जी दी जा रही है. चावल पूरी तरह बंद कर दिया गया है. कभी दोनों सब्जी नहीं दी जाती, तो कभी एक ही जाती है और कभी दाल भी थाली से गायब कर दी जाती है.
खाना बनाने में स्टूडेंट्स की लेनी पड़ रही मदद- सरोज देवी
सेंटर की संचालिका सरोज देवी खुद ही खाना तैयार करती हैं. इंडक्शन पर पहली बार खाना बनाने की वजह से वह इसे ठीक से ऑपरेट भी नहीं कर पाती हैं. दिन में कई बार उन्हें स्टूडेंट्स या बाहरी लोगों की मदद लेनी होती है. उनका कहना है कि रसोई गैस पर खाना तेजी से बनता था. एक साथ दो चूल्हे होते थे. अब खाना बनाने में ही पूरे दिन का वक्त निकल जाता है.
सरोज देवी के मुताबिक टिफिन का काम अब घटकर बमुश्किल 20 फीसदी रह गया है. इसके साथ ही खर्च भी ज्यादा हो रहा है. उनके मुताबिक स्टूडेंटस का पेट भरने के लिए ही वह सेंटर को चल रही हैं, नहीं तो इसमें फिलहाल नुकसान ही हो रहा है.
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स्टूडेट्स को भरपेट नहीं मिल पा रहा खाना
स्टूडेंट्स को इस बात की शिकायत है कि ना तो उन्हें भरपेट खाना मिल पा रहा है और ना ही थाली में कोई स्वाद है. हालांकि वह सेंटर संचालिका की मजबूरी को समझ रहे हैं, इसलिए चुपचाप खाना खा लेते हैं. उनका भी कहना है कि सरकार को भी इस बारे में कुछ करना चाहिए. कब तक लोगों की रसोई प्रभावित रखी जाएगी. करीब 20 फीसदी टिफिन सेंटर तो पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं.
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