न्याय की आस में रोता परिवार: बेटे की यादों में डूबे पिता, 20 साल बाद फिर चक्र घूमेगा, अमन फिर लौटेगा...
Judge Aman Sharma Suicide Case: राजधानी दिल्ली के सफदरजंग इलाके में जज अमन कुमार शर्मा की कथित आत्महत्या के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है. अमन कुमार राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे.

- पत्नी, आईएएस बहन सहित कई पर प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप.
राजधानी दिल्ली के सफदरजंग इलाके में जज अमन कुमार शर्मा की कथित आत्महत्या के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है. चार दिन बीत जाने के बाद भी माता-पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. पिता प्रेम कुमार शर्मा आज भी इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है. अमन कुमार राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे. उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हैै. उनके जाने से परिवार में मातम का माहौल बना हुआ है.
दर्द से भरे शब्दों में उन्होंने कहा, “मैं 59 साल का हूं, लेकिन मुझे विश्वास है कि समय का चक्र उसे किसी न किसी रूप में वापस जरूर लाएगा. मैं टूटा हूं, खत्म नहीं हुआ हूं.” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अमन का बेटा बड़ा होकर जज बनेगा और एक दिन अपनी मां से पूछेगा कि उसके पिता के साथ क्या हुआ था. यह कहते-कहते वह भावुक होकर रो पड़े. पिता प्रेम कुमार शर्मा ने न्याय प्रणाली और पुलिस पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके बेटे को न्याय जरूर मिलेगा.
'मेरा जीना मुश्किल हो गया…', सुसाइड से पहले जज अमन शर्मा ने सुनाई थी आपबीती, पिता ने बयां किया दर्द
‘पुरुष आयोग’ ने की दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग
इस बीच मंगलवार को दिल्ली से ‘पुरुष आयोग’ नामक एनजीओ की टीम भी अलवर पहुंची. संस्था की अध्यक्ष बरखा त्रेहन ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. गौरतलब है कि 2 मई को दिल्ली स्थित अपने आवास में अमन शर्मा ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. बताया जा रहा है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी. आरोप है कि उस दौरान मौजूद अमन के पिता के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ, जिसे अमन सहन नहीं कर पाए और आहत होकर यह कदम उठा लिया.
अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई पत्नि और उसका परिवार
इस मामले में 3 मई को अमन की पत्नी स्वाति, उनकी आईएएस बहन सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. अमन और स्वाति की शादी वर्ष 2022 में हुई थी और दोनों न्यायिक सेवा से जुड़े थे. उनके दो छोटे बेटे हैं, एक करीब 25 महीने का और दूसरा मात्र 8 महीने का है. इस दर्दनाक घटना के बाद अब अमन के पिता अपने पोतों में ही बेटे की झलक ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, दुखद पहलू यह भी रहा कि अमन की पत्नी और ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अलवर में हुए अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ. परिवार आज भी एक ही उम्मीद में जी रहा है कि सच सामने आए और अमन को न्याय मिले.
हरियाणा सचिवालय में कर्मचारी ने की आत्महत्या, 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस






















