जोधपुर: स्वतंत्रता दिवस समारोह जा रहे दो स्कूली बच्चों की डंपर से दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप
Jodhpur News: जोधपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह जा रहे चार स्कूली बच्चों को एक डंपर ने टक्कर मार दी, जिसमें दो की मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने मुआवजे और नौकरी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया.

जोधपुर शहर की रेजिडेंसी रोड पर सुबह करीब छह बजे के आस पास एक दर्दनाक हादसा हुआ. चार स्कूली बच्चे बाइक पर सवार होकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करने के लिए जा रहे थे इस दौरान एक डंपर ने बाइक को चपेट में लिया. जिसकी वजह से मौके पर ही स्कूली बच्चे लोकेन्द्र सिंह दर्दनाक मौत हो गई.
वहीं घटना में तीन बच्चे घायल हुए जिनको तत्काल एमडीएम अस्पताल भेजा गया जहां एक कि हालत गंभीर थी और करीब चार घंटे बाद उसकी भी मौत हो गई. स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह इस बार जोधपुर में होने की वजह से मुख्यमंत्री को इस मार्ग से स्टेडियम जाना था ऐसे में परिजनों को उम्मीद थी कि वे मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेंगे.
ऐसे में परिजनों के साथ वहा के लोगो ने पांच बत्ती चौराहे पर रास्ता जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया. करीब छह घंटे तक परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया रास्ता जाम रखा गया.
पुलिस प्रशासन ने लोगों से की समझाइश
पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन एवं सरकार की ओर से वार्ता के प्रयास किए गए लेकिन दोपहर तक वार्ता सफल नहीं हुई. मौके पर डीसीपी विनीत कुमार बंसल,डीसीपी अमित जैन सहित प्रशासन की ओर से एसडीएम पंकज जैन मौके पर लगातार जाप्ते के साथ समझाइश के प्रयास करते रहे. राज्य सभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, विधायक अतुल भंसाली ने मौके पर पहुंचकर परिवार एवं धरना देने वाले लोगों से समझाइश की.
दो बच्चों की हो गई मौत
उन्होने वार्ता करते हुए मृतक लोकेन्द्र सिंह के परिजनों को मुख्यमंत्री कोष से अधिक से अधिक आर्थिक सहायता राशि एवं एक संविदा नौकरी पर सहमति बनी. जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया. सबसे बड़ी बात यह थी कि राज्य स्तरीय समारोह होने से मुख्यमंत्री इसी रूट से सर्किट हाउस से स्टेडियम जाने का मार्ग था ऐसे में प्रशासन को अलर्ट रहना था लेकिन उसी मार्ग पर सरपट दौड़ते डंपर बाइक को चपेट में लिया और घटना में दो बच्चों की मौत हो गई.
जोधपुर में लगातार डम्पर चालक की लापरवाही से हादसे घटित हो रहे है. घटना के बाद प्रदर्शन और हंगामा होता है लेकिन पुलिस द्वारा इन डम्पर चालको को लेकर सख्ती नजर नही आती है. घटना में लोकेन्द्र सिंह की मौत के बाद उसकी बदहवास बहन और मॉ ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए . रो रोकर उनका बुरा हाल था लेकिन पुलिस चार घंटे तक डम्पर चालक के बारे में जानकारी ही जुटाती रही है.
ऐसे में स्वतंत्रता दिवस की उमंग लेकर स्कूल जाने वाले दो मासूम बच्चों ने यह नहीं सोचा था कि वे समारोह स्थल भी नहीं पहुंच पाएंगे. हालांकि इस घटना में एक बात यह भी है कि गलती एक पक्ष की नहीं बल्कि सभी की है. पुलिस प्रशासन को मुख्यमंत्री के दौरे के चलते अलर्ट रहने की आवश्यकता थी तो डम्पर चालक ने बाइक को चपेट में लेने के बाद मौके पर रूकने की बजाय से वहा से फरार हो गया.
'छोटे बच्चे है तो बाइक चलाना था गलत'
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि चारों बच्चे नाबालिग थे तो उनके परिजनों ने उनको बाइक चलाने की अनुमति कैसे दे दी. इन बच्चों के परिजनों को भी सोचना था जब छोटे बच्चे है तो बाइक चलाना गलत था ऐसे में घटना के बाद अब गलती किसकी थी इस पर जोर देने की बजाय दो मासूम जिंदगियों के दम तोड़ने की दुख ज्यादा हो रहा है.
उपचार की पूरी व्यवस्था के भी दिए निर्देश
हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी संवेदनशीलता दिखाई एवं जयपुर रवाना होने के दौरान जब उनको जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल एवं राज्य सभा सांसद राजेन्द्र गहलोत एवं विधायक अतुल भंसाली को इस मामले में पल पल का अपडेट करने के साथ उनके उपचार की पूरी व्यवस्था के भी निर्देश दिए.



















