'मिशन हरियालो' में झोल! 11.57 करोड़ पौधे लगाने का दावा, जियो-टैगिंग में सिर्फ 1.69 करोड़
Mission Hariyalo Rajasthan: ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सरकारी विभागों ने 11.57 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन जियो-टैगिंग में सिर्फ 1.69 करोड़ पौधे ही मिले हैं.

राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू किया गया ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ अब पौधारोपण से ज्यादा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है. सरकार का दावा है कि पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है और बीते करीब दो सालों में लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं. लेकिन, हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी है.
वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 72 विभागों ने कुल 11 करोड़ 57 लाख 72 हजार 615 पौधे लगाने की जानकारी दी थी. लेकिन जब इनकी जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) के जरिए पड़ताल की गई, तो अब तक सिर्फ 1 करोड़ 69 लाख 35 हजार 195 पौधे ही सत्यापित हो पाए हैं.
यानी कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच करीब 10 करोड़ पौधों का भारी अंतर है. चिंताजनक बात यह भी है कि जो पौधे सत्यापित हुए हैं, उनमें से भी करीब 20 फीसदी (32 लाख 46 हजार 426) पौधे मृत पाए गए हैं.
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विभागवार आंकड़ों में बड़ा झोल
अलग-अलग विभागों के दावों और सत्यापन के आंकड़ों में जमीन-आसमान का फर्क सामने आया है:
- शिक्षा विभाग: 4.03 करोड़ पौधे लगाने का दावा, लेकिन सत्यापन सिर्फ 28.63 लाख का हुआ.
- वन विभाग: 2.03 करोड़ पौधे लगाए, जिनमें से 95.42 लाख सत्यापित हुए.
- वीबी-जीरामजी विभाग: 1.90 करोड़ के दावे के मुकाबले केवल 20.74 लाख का सत्यापन.
- पंचायती राज विभाग: 59.34 लाख पौधों के मुकाबले सिर्फ 4.33 लाख पौधे मिले.
- PHED (जलदाय विभाग): 56.34 लाख पौधे लगाने का दावा, लेकिन सत्यापन सिर्फ 64,838 का हुआ.
छोटे विभागों का हाल और भी बुरा है. उद्योग विभाग के 1.66 लाख दावों के मुकाबले सिर्फ 2,342 और पर्यटन विभाग के 14,394 पौधों के मुकाबले सिर्फ 500 पौधे ही सत्यापित हो सके.
विपक्ष का तीखा हमला: यह 'हरियाला भ्रष्टाचार' है
इन चौंकाने वाले आंकड़ों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने इस पूरे मामले को ‘हरियाला भ्रष्टाचार’ का नाम देते हुए मांग की है कि पौधारोपण स्थलों का जनप्रतिनिधियों से भौतिक सत्यापन और सोशल ऑडिट (Social Audit) कराया जाए. जूली ने सवाल उठाया कि अगर करोड़ों पौधे लगाए गए हैं, तो वे जमीन पर कहां हैं?
सरकार की सफाई
विपक्ष के हमलों पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि इस अभियान में पहली बार जियो-टैगिंग के जरिए पौधों की कड़ी निगरानी की जा रही है. उन्होंने सफाई दी कि सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है और जो पौधे मृत पाए गए हैं, उनका रिप्लेसमेंट (बदलाव) किया जाएगा.
असली परीक्षा अभी बाकी है
अब सबसे बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कागजों में कितने पौधे लगाए गए, बल्कि असल चुनौती यह है कि कितने पौधे जमीन पर मौजूद हैं, कितने जीवित हैं और कितने पौधे पेड़ बनने तक बच पाएंगे. यही 'मिशन हरियालो राजस्थान' की असली कामयाबी तय करेगा.
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