CBI और RBI अधिकारी बनकर पूर्व जज से ढाई करोड़ की ठगी, 15 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट
Jaipur Fraud: पूर्व जिला जज को CBI और RBI अधिकारी बनकर करीब 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए.

जयपुर में साइबर ठगों ने 90 साल के पूर्व जिला जज को CBI और RBI अधिकारी बनकर करीब 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. हवाला लेनदेन में नाम आने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने 8 दिन में अलग-अलग बैंक खातों में 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए. ठगों की नजर इसके बाद पूर्व जज के PPF एकाउंट की रकम पर भी थी, लेकिन SBI के बैंक मैनेजर की सतर्कता से यह रकम बच गई. साइबर ठगी का खुलासा होने के बाद बुधवार शाम ज्योति नगर थाने में FIR दर्ज कराई गई है.
जानकारी के मुताबिक, मामला जयपुर के लालकोठी इलाके का है. पूर्व जिला जज के भांजे रविंद्र सिंह मोहनौत ने पुलिस को रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 90 वर्षीय गणपत सिंह भंडारी को 28 जुलाई को WhatsApp पर वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई CBI का अधिकारी बताया.
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गिरफ्तारी की आरोपी ने दी धमकी
बताया गया कि ठग ने पूर्व जज से कहा कि मुंबई में 50 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का खुलासा हुआ है और इसमें उनके SBI खाते में भी 40 लाख रुपये आने की बात सामने आई है. आरोपी ने धमकी दी कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया जाएगा. परिवार के किसी सदस्य को भी इस बारे में जानकारी नहीं देने की चेतावनी दी गई.
RBI मैनेजर बनकर की ठगी
इसके कुछ देर बाद दूसरे व्यक्ति ने WhatsApp वीडियो कॉल की. उसने खुद को RBI मैनेजर बताया. आरोपी ने कहा कि हवाला की रकम से म्यूचुअल फंड में निवेश किया गया है और इसकी पूरी जानकारी देनी होगी. गिरफ्तारी के डर से पूर्व जज ने अपने म्यूचुअल फंड समेत दूसरे वित्तीय दस्तावेज और जानकारी भी आरोपियों को उपलब्ध करा दी.
8 दिन में अलग-अलग खातों में करोड़ों ट्रांसफर
आरोपियों ने जांच के नाम पर पूर्व जज से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवानी शुरू कर दी. FIR के अनुसार—
- 3 अगस्त : दो अलग-अलग खातों में 22.17 लाख और 28.34 लाख रुपये, यानी कुल 50.51 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए.
- 6 अगस्त : तीन अलग-अलग खातों में 40 लाख, 40 लाख और 30 लाख रुपये, यानी कुल 1.10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए गए.
- 7 अगस्त : एक खाते में फिर 30 लाख रुपये जमा करवाए गए.
- 10 अगस्त : एक खाते में दो बार 30-30 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए.
इस तरह ठगों ने कुल 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार रुपये अपने बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए.
हर कॉल के बाद चैट और कॉल हिस्ट्री करवाते थे डिलीट
ठगों ने पूरी ठगी को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया. पूर्व जज ने पुलिस को बताया कि आरोपी हर कॉल खत्म होने के बाद WhatsApp की चैट, कॉल लॉग और दूसरे मैसेज तुरंत डिलीट करने के निर्देश देते थे. डर और दबाव में पूर्व जज ने सभी रिकॉर्ड मिटा दिए. यही वजह रही कि परिवार को भी लंबे समय तक ठगी की भनक नहीं लगी.
PPF की रकम भी हड़पने की थी तैयारी
करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपियों ने पूर्व जज को उनकी PPF खाते की रकम भी ट्रांसफर करने के लिए कहा. बुधवार सुबह पूर्व जज PPF की रकम ट्रांसफर कराने के लिए SBI की जौहरी बाजार शाखा पहुंचे.
यहां बैंक मैनेजर को बड़े ट्रांजेक्शन पर शक हुआ. उन्होंने पूर्व जज से पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आई. बैंक मैनेजर ने तुरंत ट्रांजेक्शन रोक दिया और बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. इस तरह लाखों-करोड़ों की PPF रकम ठगों के हाथ जाने से बच गई. इसके बाद पूर्व जज ने अपने भांजे रविंद्र सिंह मोहनौत को बुलाया. भांजे ने पूरी जानकारी लेने के बाद ज्योति नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई.
BNS और IT Act की धाराओं में केस, पुलिस ने जांच शुरू की
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 319(2) और IT Act की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब आरोपियों के WhatsApp नंबर, कॉल डिटेल, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई, वे किसके नाम हैं और करोड़ों रुपये आगे किन खातों में भेजे गए. पुलिस साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
बैंक मैनेजर की सतर्कता से बचा PPF का पैसा
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि CBI और RBI का अधिकारी बनकर ठगों ने एक पूर्व जिला जज को करीब 15 दिन तक कैसे अपने डर में रखा और 8 दिन में ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर करवा लिए. राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि SBI मैनेजर की सतर्कता से ठग PPF की रकम तक नहीं पहुंच सके.
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