जयपुर: फोटोशूट के लिए गुलाबी रंगे गए हाथी की हुई मौत, लापरवाह अधिकारियों और विदेशी इंफ्लुएंसर पर एक्शन
Jaipur News In Hindi: जयपुर में एक विदेशी इनफ्लुएंसर द्वारा हाथी और एक महिला मॉडल को गुलाबी रंग में रंगने के मामले में हाथी की मौत के बाद विवाद बढ़ गया है. वन विभाग ने इस पर एक्शन लिया है.

पिंक सिटी जयपुर में एक रूसी इनफ्लुएंसर द्वारा हाथी और एक महिला मॉडल को गुलाबी रंग में रंगने का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने जहां शुरुआत में लोगों का ध्यान आकर्षित किया. कुछ दिनों बाद उसी हाथी की मौत हो जाने के बाद अब मामला तूल पकड़ गया है.
वन्य जीव प्रेमियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे पशु क्रूरता का मामला बताया है. इस मामले में वन विभाग ने अब जांच के आदेश दे दिए हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर इसमें बिना अनुमति जानवर के साथ क्रूरता की गई है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
हाथी गांव में किया गया था शूट
बताया जा रहा है कि यह शूट जयपुर के पास स्थित हाथी गांव में किया गया था, जहां एक विदेशी कंटेंट क्रिएटर ने एक थीम बेस्ड फोटोशूट कराया. इसमें हाथी और महिला मॉडल दोनों को गुलाबी रंग में रंगा गया, जिससे “पिंक सिटी” की पहचान को दर्शाने की कोशिश की गई. वीडियो सामने आने के बाद ही कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे कि क्या इस तरह जानवरों को रंगना सुरक्षित है?
रूस की रहने वाली है इंफ्लुएंसर
बताया गया कि हाथी और मॉडल को गुलाबी रंग में रंगने वाली सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर का नाम जूलिया बुरुलेवा है. वह रूस की रहने वाली है और पिछले साल जयपुर घूमने के लिए आई थी. जूलिया को जयपुर का पिंक कलर इस कदर पसंद आया कि उसने आमेर किले के पास 65 साल के हाथी और उस पर बैठी एक महिला मॉडल को गुलाबी रंग में रंगवा दिया था.
अब करीब डेढ़ महीने पहले इस हाथी की मौत हो गई. जूलिया ने यह तस्वीरें और वीडियो करीब 3 महीने पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जो अब वायरल हो रही हैं. मॉडल का नाम यशस्वी है.
हाथी की मौत के बाद गहराया विवाद
इसी बीच, कुछ दिनों बाद उस हाथी की मौत की खबर सामने आई, जिससे विवाद और गहरा गया. पशु प्रेमियों का आरोप है कि हाथी को केमिकल युक्त रंग से रंगना उसकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है और यही उसकी मौत की वजह भी हो सकती है. उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर हंगामा हो रहा है. मामले के तूल पकड़ने के बाद ही वन विभाग ने जांच के आदेश जारी किए.
गांव विकास समिति के अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि, हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बबलू खान ने इन आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि हाथी को केवल कुछ देर के लिए ही रंगा गया था और इसमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि हाथी पहले से ही बुजुर्ग था और उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है, इसे इस घटना से जोड़ना गलत है.
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक स्तर तक चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां एक ओर पशु अधिकार संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग और संबंधित पक्ष इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन प्राकृतिक घटना बता रहे हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और जांच में क्या सच सामने आता है.
Source: IOCL


























