ईरान-अमेरिका सीजफायर पर जयपुर में जमकर जश्न, शिया समुदाय ने मिठाई बांटकर मनाई 'ईद जैसी खुशी'
Iran US Ceasefire: जयपुर में शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ सीजफायर नहीं, बल्कि ईरान के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ने व आवाज उठाने वालों की एक बड़ी जीत है.

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे युद्ध के 40वें दिन अमेरिका और इजरायल द्वारा दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान के बाद जयपुर में शिया समुदाय के बीच जबरदस्त खुशी का माहौल देखने को मिला. शहर के कई इलाकों में लोग इस मौके को ईद के त्यौहार की तरह मना रहे हैं.
जगह-जगह शिया समुदाय के लोग इकट्ठा हो रहे हैं और एक-दूसरे से गले मिलकर उन्हें मुबारकबाद दे रहे हैं. माहौल बिल्कुल ईद जैसा नजर आ रहा है. लोगों ने नए कपड़े पहने हैं. घरों में सेवइयां और दूसरे स्वादिष्ट पकवान बनाए जा रहे हैं. साथ ही मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई जा रही हैं. जगह जगह सिवइयों और खीर का लंगर किया जा रहा है.
'ये आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वालों की जीत'
जश्न मना रहे शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ सीजफायर नहीं, बल्कि ईरान के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ने व आवाज उठाने वालों की एक बड़ी जीत है. उनका मानना है कि ईरान ने अमेरिका जैसे ताकतवर देश को घुटनों पर ला दिया है. उनके मुताबिक यह जीत किसी एक देश की नहीं, बल्कि आतंकवाद और अन्याय के खिलाफ लड़ाई की जीत है.
'ये इंसानियत और इंसाफ की जीत'
इस मौके पर कई जगहों पर लोग 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' और 'ईरान जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए भी नजर आए. लोगों का कहना है कि दुनियाभर में आज इंसानियत और इंसाफ की जीत हुई है और इसी खुशी में यह जश्न मनाया जा रहा है.
'अमेरिका का तोड़ा घमंड'
राजस्थान में शिया महासभा जयपुर के प्रवक्ता सैयद जाफर अब्बास तकवी समेत अन्य लोगों का कहना है कि इस जंग ने अमेरिका के घमंड को तोड़ दिया और उसे सीजफायर के लिए मजबूर होना पड़ा. उनके मुताबिक, यह एक ऐतिहासिक पल है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे.
'आयतुल्लाह खामेनेई के मारे जाने का दुख भी'
हालांकि इस खुशी के बीच एक गम भी साफ दिखाई दिया. लोगों ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी खामेनई के मारे जाने पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा नुकसान है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता.लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हालात और बेहतर होंगे और इस संघर्ष का पूरा जवाब भी मिलेगा.
कुल मिलाकर जयपुर में यह दिन खुशी और भावनाओं का मिला-जुला रूप लेकर आया, जहां एक तरफ जश्न और उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ संवेदनाएं भी साफ तौर पर महसूस की जा रही हैं.
Source: IOCL


























