कफ सिरप मामले में बड़ा एक्शन, राजस्थान में इन दवाओं पर बैन; ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड
Cough Syrup Controversy: राजस्थान सरकार ने खांसी की सिरप की गुणवत्ता पर सख्त कदम उठाया, कायसन फार्मा की सभी दवाओं की सप्लाई रोकी गई. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चेतावनी भी अनिवार्य की गई.

मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत बंट रही खांसी की सीरप की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. दवाओं के मानक निर्धारण में लापरवाही के आरोप लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. विभाग ने जयपुर स्थित कायसन फार्मा की सभी 19 तरह की दवाओं की सप्लाई पर तुरंत रोक लगा दी है. यही नहीं, अन्य कंपनियों की डेक्सट्रोमैथोरपन युक्त खांसी की दवाओं पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है.
इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि दवाओं में साल्ट की मात्रा के आधार पर मानक तय करने की प्रक्रिया को प्रभावित किया गया था.
मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री ने दिए कड़े निर्देश
खांसी की सीरप की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने खुद मामले की गहन जांच के आदेश दिए. सीएम ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वहीं चिकित्सा मंत्री ने भी विशेषज्ञ समिति गठित करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. अब विभाग ने डेक्सट्रोमैथोरपन वाली सभी दवाओं के बैच पर रोक लगा दी है.
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए एडवाइजरी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने साल 2021 में एडवाइजरी जारी कर दी थी कि 4 साल से छोटे बच्चों को डेक्सट्रोमैथोरपन दवा नहीं दी जाए.
अब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने दोबारा स्पष्ट किया है कि यह दवा 5 साल से बड़े बच्चों को ही दी जाए और 2 साल से छोटे बच्चों को तो बिल्कुल भी न दी जाए. इसके साथ ही ऐसी दवाओं पर चेतावनी भी लिखी जाएगी, जो बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं.
वैकल्पिक दवाओं के इस्तेमाल पर जोर
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि सामान्य परिस्थितियों में खांसी के इलाज के लिए डेक्सट्रोमैथोरपन की जगह अन्य वैकल्पिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खरीद और आपूर्ति पर भी नियंत्रण रखा जाएगा.
कायसन फार्मा के 10 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच
आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि कायसन फार्मा की दवाओं के अब तक 10 हजार से ज्यादा सैंपल जांचे गए हैं. इनमें से 42 सैंपल अमानक पाए गए. इसी वजह से एहतियातन इस कंपनी की सभी दवाओं की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है.
विभाग का कहना है कि आमजन की सेहत और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर दवा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा. जांच पूरी होने तक सभी संदिग्ध दवाओं पर रोक जारी रहेगी.




















